मेडिको लीगल से जुड़े केस में डॉक्टरों की नजर और पारखी बनाने के लिए उनको ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकारी कार्यक्रम में निजी डॉक्टर भी शामिल हो सकते हैं। इस दौरान केवल दुष्कर्म से जुड़े मामले ही नहीं बल्कि तेजाब पीड़िताओं की जांच की बारीकियां भी बताई जाएंगी। कार्यक्रम आईएमए में 22 और 23 जुलाई को होगा। इसमें लखनऊ के विशेषज्ञ ट्रेनिंग देंगे। रानी लक्ष्मीबाई आशा ज्योति केंद्र के तहत प्रदेश सरकार की ओर से एक छत के नीचे दुष्कर्म और तेजाब पीड़िता को पुलिस, चिकित्सा और कानूनी सलाह उपलब्ध कराई गई है। लेकिन इस मेडिको लीगल से जुड़े ऐसे मामलों में कई बार डॉक्टराें की ओर से लापरवाही या चूक दोषियों और आरोपियाें तक पहुंच पाने में कठिनाई साबित होते हैं। डॉक्टरों की जांच के दौरान आरोपी और दोषियाें को किसी प्रकार संदेह का लाभ न मिले इसलिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। तेजाब पीड़िताआें का मामला निजी डॉक्टर भी देखते हैं। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुबोध शर्मा ने बताया कि दुष्कर्म के मामले में डॉक्टर कई चूक करते हैं। इसके अलावा जांच के तरीकाें में भी बदलाव हुआ है। इसे भी कार्यक्रम में बताया जाएगा।