राजकीय मेडिकल कॉलेज ने संस्कृत भाषा के उत्थान के लिए एक नई पहल शुरू की है। यहां ओपीडी कार्ड संस्कृत में जारी किए गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अभय कुमार ने बताया कि संस्कृत केवल एक मात्र भाषा नहीं है अपितु संस्कृत एक विचार है। संस्कृत एक संस्कृति है, एक संस्कार है।
उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर का मानना था कि संस्कृत पूरे भारत को भाषाई एकता के सूत्र में बांध सकने वाली इकलौती भाषा हो सकती है। अत: उन्होंने इसे देश की आधिकारिक भाषा बनाने का सुझाव दिया था। इसके संरक्षण व संवर्धन में हमें अधिक से अधिक प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसी के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी कार्ड संस्कृत भाषा में जारी किए गए हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज के छात्रों को भी सामान्य बोलचाल की भाषा में संस्कृत के शब्दों का प्रयोग करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।