अब पांच हेक्टेयर से कम जमीन पर संचालित ईंट भट्ठा मालिकों को पर्यावरण
क्लीयरेंस लेना अनिवार्य नहीं होगा। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इसकी
अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही पिछले वर्ष से चल रहा आंदोलन वापस हो
गया है।
पर्यावरण सुरक्षा के लिए पिछले वर्ष भट्ठा संचालन के लिए
क्लीयरेंस प्रमाण पत्र लेना जरूरी कर दिया गया था। इस पर यूपी में भट्ठा
संचालकों ने आंदोलन शुरू कर दिया। इससे ईंट निर्माण कार्य ठप हो गया।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इसकी समीक्षा करायी और तय किया गया कि पांच
हेक्टेयर से कम जमीन पर संचालित भट्ठों के लिए पर्यावरण क्लीयरेंस लेना
अनिवार्य नहीं होगा।
मंत्रालय से इसकी अधिसूचना जारी होने पर बरेली ईंट
भट्ठा निर्माता समिति संरक्षक राजेंद्र गुप्ता और अध्यक्ष आफताब हुसैन ने
कहा है कि इससे जिले में संचालित 350 भट्टों को राहत मिली है। महामंत्री
अध्यक्ष आफताब हुसैन ने बताया कि ईंट उद्योग से 70 हजार से ज्यादा लोग
रोेजगार से जुड़े हैं। इन नेताओं ने बताया कि पिछले वर्ष से चल रहा आंदोलन
अब वापस हो गया है।