सूर्य की उपासना का पर्व छठ पूजा नहाय खाय के साथ मंगलवार से शुरू हो जाएगा। पर्व को लेकर पूर्वांचल के लोगों में खासा उत्साह है। तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। सैकड़ों परिवार आजीविका केे लिए यहां आए तो अब यहीं के होकर रह गए हैं। अब वे छठ मनाने अपने पैतृक घर (पूर्वांचल/बिहार) नहीं जाते हैं। यहां शहर में भी विभिन्न जगहों पर अन्य लोगों के साथ समूह में छठ पूजा उल्लास के साथ करते हैं। यहां रुहेलखंड विश्वविद्यालय में तमाम लोग पूर्वांचल और बिहार के हैं।
मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव राजबहादुर सिंह गोरखपुर के हैं। बोले, त्योहार पर तो घर नहीं जा पाते हैं, बीच-बीच में जरूर चले जाते हैं। बोले, अब यहां भी त्योहार का माहौल है। बाजार है, जो पहले नहीं था। अब सब कुछ उपलब्ध होने लगा है। इसलिए यहीं रहकर उत्साह के साथ त्योहार मनाते हैं।
देवेंद्र राम मऊ जिले से हैं। 1980 में बरेली आए थे। इसके बाद यहीं के होकर रह गए। बोले, वैसेे तो परिवार के लोगों के साथ त्योहार मनाने की खुशी ही अलग होती है, लेकिन अब यहीं परिवार जैसा माहौल मिलने लगा है। हम दो भाई मिलकर त्योहार मनाते हैं। अब यहां 63 परिवार जुटने लगे हैं। अबकी और बढ़ने की संभावना है। बताया, यहां के भी तमाम परिवार त्योहार मनाने लगे हैं।
रामप्रीत गोरखपुर से हैं और यूनिवर्सिटी में क्लर्क हैं। कहते हैं पहले हम लोग हर साल छठ पूजा के लिए घर जाते थे, मगर अब 10 साल से त्योहार पर नहीं गए हैं। बताया, मां हमारे साथ हैं। बड़े भाई भी यहीं हैं। इसलिए अब कैंपस में ही मिलजुलकर पूजा करते हैं। साल में कभी एकाध बार घर हो आते हैं।