कागज और फाइलों का बोझ करने के लिए सभी सरकारी विभागाें में ई- आफिस साफ्टवेयर लागू होगा। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) तैयारी में जुट गया है। सभी दफ्तरों के अधिकारियों और लिपिक वर्गीय कर्मियों के डिजिटल हस्ताक्षर लेना शुरू कर दिए गए हैं। प्रदेश स्तर पर इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन इसकी मानीटरिंग करेगा।
सभी लिपिकों के डिजिटल हस्ताक्षर जरूरी
ई- आफिस व्यवस्था से सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निगम कार्यालयों में लिपिक और इससे ऊपर सभी अफसरों के डिजिटल हस्ताक्षर लेना शुरू कर दिया गया है। योजना नोडल एजेंसी यूपी इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन प्रत्येक हस्ताक्षर पर 1708 रुपये वसूलेगा। इसे लेकर कलेक्ट्रेट समेत विभिन्न दफ्तरों में अफरातफरी मची हुई है। कर्मचारी कहते हैं कि वे इसके बदले कोई शुल्क क्यों दें। एनआईसी तकनीकी निदेशक मनोज शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सरकार ने सभी डिजिटल हस्ताक्षरों का शुल्क भुगतान कर दिया है, इसलिए संबंधित कर्मी सिर्फ निर्धारित फार्म भरकर औपचारिकताएं पूरी करें, इसके बाद उनके डिजिटल हस्ताक्षर पंजीकृत हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ई- आफिस पोर्टल पर डाटा एकत्रित होगा। नई व्यवस्था लागू होते ही मैन्युअल फाइलों पर अंकुश लग जाएगा।