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Bareilly News: एक जिला एक उत्पाद में अब बरेली का फर्नीचर कारोबार भी

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बरेली। प्रदेश सरकार ने बरेली समेत प्रदेश के 12 जिलों में एक जिला एक उत्पाद योजना में अतिरिक्त उद्योग-धंधों को मान्यता दी है। अब बरेली की वुड इंडस्ट्री यानी फर्नीचर, प्लाईवुड कारोबार भी इसमें शामिल हो गया है। इस कारोबार से जुड़े हजारों कारीगरों को नए फैसले से फायदा मिलने की उम्मीद है।
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जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त विकास यादव के मुताबिक पिछले दिनों शासन ने प्रदेश के सभी जिलों से ओडीओपी में अतिरिक्त उद्योग धंधे शामिल करने के लिए प्रस्ताव मांगे थे। बरेली में जरी जरदोरी, बांस-बेंत कारीगरी, सुनारी पूर्व में इस योजना में शामिल थे। जिले में वुड प्रोडक्ट यानी फर्नीचर का भी बड़ा कारोबार है। करीब 50 से ज्यादा प्लाईवुड इंडस्ट्री हैं। वहीं, फर्नीचर से जुड़े करीब दो सौ से ज्यादा बड़े कारोबारी हैं। इसके अलावा जिले भर में छोटे स्तर पर भी लकड़ी के उत्पादों का अच्छा कारोबार है।
बरेली के फर्नीचर कारोबारियों की ओर से तैयार उत्पाद की मांग रुहेलखंड क्षेत्र समेत देश भर में है। लिहाजा, शासन से प्रस्ताव मिलने पर फर्नीचर उद्योग संबंधी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई। बीते दिनों मुख्य सचिव के समक्ष कारोबार का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
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शहर में ही हैं करीब सौ से ज्यादा प्रतिष्ठान
उपायुक्त उद्योग के मुताबिक सिकलापुर, सिविल लाइंस, बारादरी, पुराना शहर, कुमार टाकीज के पास सहित शहर में ही फर्नीचर के करीब सौ से ज्यादा प्रतिष्ठान हैं। इसके अलावा आरा मशीन, प्लाईवुड भी वुड प्रोडक्ट में ही माना जाएगा। वहीं, तहसीलों में भी बड़े पैमाने पर फर्नीचर कारोबार है। अनुमानित करीब चार सौ करोड़ का सालाना कारोबार होता है। बताया कि ओडीओपी से पहचान मिलने पर कारोबार में तेजी आएगी। ब्यूरो
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