हाफिजगंज। क्षेत्र के गांव काशीपुर में खेत पर काम कर रहीं महिलाओं ने तेंदुए को देखा। इसके बाद सभी ने ट्यूबवेल के पास बने कमरे में छिपकर जान बचाई।
सूचना पर वन विभाग की टीम ने आकर कॉम्बिंग की, लेकिन कोई जानवर मौके पर नहीं मिला। वन टीम मौके पर पहुंची और पगचिह्न देखे। इधर, तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रही जोन स्तरीय टीम करीब 20 दिन बाद ग्रामीणों को उनके हाल में छोड़कर लौट गई।
थाना हाफिजगंज क्षेत्र में 20 दिन पहले से तेंदुआ घूम रहा है। उसे पकड़ने के लिए वन विभाग ने दो पिंजरे खेतान फैकटरी परिसर में लगवा दिए, लेकिन उसके बाद भी तेंदुआ पकड़ में नहीं आया। उसके पकड़ने के लिए जोन स्तरीय टीम को बुलाया गया, लेकिन कुछ दिन टीम रुकने के बाद वापस चली गयी। टीम के जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
अब तेंदुआ अलग-अलग गांवों में घूम रहा है। बृहस्पतिवार सुबह गांव काशीपुर में दिखा। ग्रामीण जितेंद्रपाल ने बताया कि गांव संतो देवी पत्नी महेंद्रपाल अन्य महिलाओं के साथ सुबह पालतू कुत्ता को लेकर खेत पर घास लेने गई तो उन्होंने गन्ने के खेत के पास तेंदुए को देखा, जो कुत्ते को देख दहाड़ा तो वे पास में बने ट्यूबवेल के कमरे में छिप गई। आधा घंटे बाद जब वह बाहर निकली तो तेंदुआ चला गया।
सूचना पर वन विभाग से वन कर्मी अकबर अली पहुंचे और तेंदुए की खोजबीन की। वन दरोगा माधो सिंह ने बताया कि पगचिह्न की जांच कराई जा रही है। तेंदुआ पकड्ने के लिए पिंजरा लगाए गए हैं। लोगों से खेतों की तरफ अकेले न जाने को कहा गया है। संवाद