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Bareilly News: नायब तहसीलदार, तीनों लेखपाल, लिपिक और रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मी को नोटिस

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बरेली। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण लेकर हड़पने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपियों का सत्यापन शुरू कर दिया है। प्रकरण में छह खादी एवं ग्रामोद्योग इकाइयों के 22 पदाधिकारी, नायब तहसीलदार, तीन लेखपाल, नगर पालिका परिषद के लिपिक और रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारी को आरोपी बनाया गया है। टीम ने बयान दर्ज करने के लिए नायब तहसीलदार सहित सभी छह सरकारी कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। संस्थाओं के 22 पदाधिकारियों का सत्यापन होना अभी बाकी है।
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खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड से ऋण लेने के लिए संस्थाओं के पदाधिकारियों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था। ऋण की रकम को भी इकाइयों में न लगाकर दूसरे कामों में लगा दिया। दस्तावेजों का सत्यापन करने वाले नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार, लेखपाल नाजिम मियां, मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद शरीफ, नगर पालिका परिषद के लिपिक महेंद्र कुमार और रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारी महेश चंद्र की गलत रिपोर्ट के कारण ऋण स्वीकृत हो गया। तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी (जिला खादी एवं ग्रामोद्योग) ने वर्ष 2018 में फर्जीवाड़ा पकड़ा था। तब से लेकर अब तक मामले में जांच चलती रही।
लखनऊ भेजा गया फर्जीवाड़ा करने वाली संस्थाओं का रिकाॅर्ड
जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी अजय पाल ने बताया कि जिन संस्थाओं पर फर्जीवाड़ा कर ऋण हड़पने का आरोप है, उनका रिकाॅर्ड पहले ही लखनऊ भेजा जा चुका है। मामला काफी पुराना है। प्रारंभिक जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद एंटी करप्शन की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गबन की रकम के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। मामले में मुख्यालय स्तर से ही कार्रवाई चल रही है।
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बढ़ सकती है घपले की रकम और आरोपियों की संख्या
सीओ एंटी करप्शन यशपाल सिंह ने के मुताबिक, जांच का दायरा बढ़ने के साथ घपले की रकम और आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल, छह खादी एवं ग्रामोद्योग इकाइयों को लेकर ही जांच की जा रही है। इकाइयों ने वर्ष 2017-18 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ऋण लिया था। ऋण की रकम जमा नहीं की गई। पत्रावलियों में जो पते दर्ज हैं, कुछ इकाइयां उन पतों पर भी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में 41 लाख रुपये के गबन की बात सामने आई है।
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प्रारंभिक जांच में पकड़ा गया फर्जीवाड़ासंस्थान धनराशि
स्वास्तिक ग्रामोद्योग सेवा संस्थान 15.50 लाख
जेएमडी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान 10.30 लाख
सगीर ग्रामोद्योग सेवा संस्थान 5.00 लाख
गायत्री ग्रामोद्योग सेवा संस्थान 3.80 लाख
सीगा ग्रामोद्योग सेवा संस्थान 3.60 लाख
शुक्ला गुड़ खांडसारी ग्रामोद्योग सेवा संस्थान 2.70 लाख
संवाद
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