लगातार किसानों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ
सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण लेने वाले किसानों को तीन प्रतिशत देना होता है, लेकिन एक साल की अवधि पूरी होने के बाद ऋण नहीं देने पर 12.70 प्रति ब्याज लगता है। साथ ही आरसी जारी होने के बाद में पांच प्रतिशत अतिरिक्त धनराशि देनी होती है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता बृजेश सिंह परिहार ने बताया कि सहकारी समितियों पर पंजीकृत किसानों ने ऋण लिया था। लेकिन अब वह नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अब किसानों की आरसी जारी की गई है।