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डीएचओ साहिबा! साहब आपसे खफा हैं.. इसलिए आपका बैठक में आना मना है

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बरेली। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पूजा का अब तक अपने विभाग के डिप्टी डायरेक्टर मनोहर सिंह से ही छत्तीस का आंकड़ा चल रहा था लेकिन अब उन पर डीएम की भी निगाहें टेढ़ी हो गई हैं। डिप्टी डायरेक्टर को तो मात देते हुए डॉ. पूजा ने रामपुर से वापस अपनी तैनाती बरेली करा ली और बृहस्पतिवार को यहां ज्वाइन भी कर लिया लेकिन इस बीच डीएम इस बात पर कुपित बताए जा रहे हैं कि डीएचओ ने ज्वाइन करने से पहले उनके समक्ष योगदान आख्या क्यों नहीं प्रस्तुत की। डीएम की यह नाराजगी तब जाहिर हुई जब उनके दफ्तर के बाबू ने डीएचओ को फोन करके बताया कि ‘साहब’ नाराज हैं, इसलिए शाम को वह विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में न आएं। हालांकि डॉ. पूजा भी अड़ गईं। उन्होंने कहा कि वह बैठक में जरूर आएंगी और अगर उनसे कोई सवाल पूछा जाएगा तो उसका जवाब भी देंगी। हालांकि शाम को डीएम ने यह बैठक ही रद्द कर दी, जिसकी वजह से यह नौबत ही नहीं आई।
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डिप्टी डायरेक्टर से टकराव के दौरान ही डीएचओ डॉ. पूजा का लोकसभा चुनाव से ऐन पहले बरेली से रामपुर तबादला किया गया था। डॉ. पूजा ने रामपुर में ज्वाइन तो कर लिया लेकिन शासन से जारी हुए आदेश का हवाला देते हुए बरेली का चार्ज नहीं छोड़ा। डिप्टी डायरेक्टर ने इस पर उनके दफ्तर में ताला लगवा दिया था। मजबूरन डॉ. पूजा को रामपुर जाना पड़ा लेकिन आचार संहिता हटने के महीने भर के ही अंदर 28 जून को उद्यान निदेशक ने उनके निजी अनुरोध पर दोबारा उनकी तैनाती बरेली कर दी। 29 जून को ही डीएचओ ने यहां ज्वाइन करके कामकाज भी शुरू कर दिया। मगर बरेली में चार्ज लेने से बाकायदा योगदान आख्या न प्रस्तुत करने पर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह नाराज हो गए। सूत्रों के मुताबिक डीएम की नाराजगी की बात भी उन्हीं के दफ्तर के एक बाबू ने डीएचओ को फोन करके बताई।
दरअसल, डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा के लिए शुक्रवार शाम अफसरों की मीटिँग बुलाई थी। इसका एजेंडा डीएचओ डॉ. पूजा को भी भेजा गया था। सूत्रों के मुताबिक दोपहर को डीएम दफ्तर के बाबू ने डीएचओ को फोन करके इस मीटिंग में आने से यह कहते हुए मना किया कि उनके योगदान आख्या प्रस्तुत न करने से ‘साहब’ नाराज हैं। इस पर डीएचओ ने कहा कि उन्हें बैठक का एजेंडा भेजा गया है, इसलिए वह बैठक में जरूर आएंगी। सिर्फ फोन करने से नहीं मानेंगी। अगर उन्हें लिखित आदेश भेजा जाएगा, तभी उस पर सोचेंगी। बताते हैं कि डीएचओ ने यह भी कहा कि अगर बैठक में ‘साहब’ उनसे कोई सवाल पूछेंगे तो वह उनके हर सवाल का जवाब शासनादेश के नियमों के अंतर्गत देंगी। हालांकि शाम को डीएम ने यह बैठक ही कैंसिल कर दी, जिस वजह से किसी सवाल-जवाब की नौबत ही नहीं आई।
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योगदान आख्या न देने पर सीडीओ का नोटिस भी, तीन दिन में मांगा जवाब
चार्ज लेने से पहले डीएम के समक्ष योगदान आख्या प्रस्तुत न करने पर सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने डीएचओ डॉ. पूजा को नोटिस भी दिया है। इसमें सीडीओ ने उनसे बरेली में चार्ज लेने से डीएम के सामने योगदान आख्या प्रस्तुत न करने का कारण पूछा है और तीन दिन के अंदर नोटिस का जवाब देने को कहा है।

हमारा विभाग ही हमें कार्यमुक्त करता है और विभाग ही कार्यभार ग्रहण कराता है। जिसके पास मेरा चार्ज था, उससे हमने चार्ज ले लिया। अगर कोई ऐसा शासनादेश है जो इसे गलत साबित करता हो तो हमें बताया जाए। वैसे हम योगदान के लिए गए थे मगर साहब के बाबू ने कह दिया कि वह मिल नहीं पाएंगे। - डॉ. पूजा, जिला उद्यान अधिकारी
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