फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वन विभाग की टीम भी दहशत में.. हांका बेअसर

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। एक वन रक्षक समेत चार लोगों की जान ले चुके हाथियों से वन विभाग की टीम खुद दहशत में दिखाई दे रही है। हांका लगाकर हाथियों को उत्तराखंड या नेपाल की ओर खदेड़ने के अभियान के नाम पर सिर्फ खानापूरी हो रही है। बृहस्पतिवार रात पटाखे दागते हुए हांका शुरू किया गया तो हाथी उत्तराखंड की ओर बढ़े लेकिन एक किलोमीटर तक ही हाथियों के आगे बढ़ने के बाद हांका लगा रही वन विभाग की टीम खुद वापस लौट आई। इसके बाद सुबह पता चला कि उत्तराखंड की तरफ और बढ़ने के बजाय वन विभाग की टीम के पीछे-पीछे हाथी भी लौट आए और जिला मुख्यालय के नजदीक पहुंच गए।
विज्ञापन

नेपाल के जंगलों से भटके ये हाथी आठ दिन पहले पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचे थे। वहां से अमरिया होते हुए 27 जून को बहेड़ी पहुंच गए। हाथियों ने यहां एक किसान को मार डाला तो वन विभाग ने उन्हें हांका लगाकर उत्तराखंड की तरफ भेजा लेकिन रामपुर की सीमा तक जाकर हाथी फिर वापस बहेड़ी लौट आए। रामपुर में भी हाथियों ने दो लोगों की जान ले ली। तीन जुलाई को बहेड़ी के तिगड़ी गांव में हाथियों ने वन रक्षक हेमंत की भी जान ले ली। इसके बाद बहेड़ी और मीरगंज दोनों तहसीलों में हाथियों की दहशत फैल गई है। वन विभाग की जिस टीम पर हांका लगाने की जिम्मेदारी है, वह भी दहशत में दिख रही है।
बृहस्पतिवार सुबह हाथियों के परचई पहुंचने का पता चला तो वन विभाग ने टीम लगाकर उनकी घेराबंदी कराई। अफसरों ने दावा किया कि रात को टीम हांका लगाकर हाथियों को उत्तराखंड भेज देगी। रात को हांका शुरू किया गया। पटाखों की आवाज और धुएं से डरकर भागे हाथी उत्तराखंड की ओर बढ़े चले, लेकिन उनके एक किलोमीटर आगे बढ़ते ही वन कर्मियों की टीम वापस लौट आई। इसके बाद हाथी भी वापस लौट आए, जिसका पता सुबह तब चला जब वे खानपुर गांव में दिखाई दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें