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2005 से पहले छपे नोट अब सीधे बैंक से नहीं बदल पाएंगे

Sun, 03 Jul 2016 12:46 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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भारतीय रिजर्व बैंक ने 2005 से पहले छपे नोटों को बदले जाने के लिए बैंकों को नया सर्कुलर जारी किया है, जिसके मुताबिक यह करेंसी केवल चुनिंदा शाखाओं पर ही स्वीकार होगी। बता दें, पुरानी श्रंखला वाली ज्यादातर करेंसी बैंक पहले ही वापस ले चुके  हैं।
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पहली जुलाई से आरबीआई ने 2005 से पहले मुद्रित करेंसी को वापस लेना शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि 2005 से पहले छपे नोटों में सुरक्षा उपाय काफी कम हैं। आरबीआई ने जारी सर्कुलर कहा है कि 2005 से पहले मुद्रित ज्यादातर नोट प्रसारित नोटों में से वापस पहले ही लिए जा चुके हैं। अब केवल सीमित संख्या में ही इस तरह के नोट प्रचलन में रह गए हैं। इसके तहत आरबीआई शाखाओं पर इन नोटों का बदलना शुरू हो गया है। 
एसबीआई उपमहाप्रबंधक सुनील कुमार वढ़ेरा ने बताया कि आरबीआई यूपी में लखनऊ और कानपुर में 2005 से पहले मुद्रित करेंसी बदलेगा। यह सुविधा देशभर में कुल 20 शाखाओं अहमदाबाद, बंगलूरू, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना, तिरवनंतपुरम और कोच्चि पर उपलब्ध होगी। रिजर्व बैंक ने दिसंबर 2015 में 2005 से पहले मुद्रित बैंक नोटों को बदलने के लिए 30 जून अंतिम तिथि रखी थी। इससे पहले यह कई बार बढ़ती रही है।
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ऐसे पहचाने 2005 से पुराने नोट
ऐसे नोटों की आसान पहचान है। 2005 से पहले के छपे नोटों में वर्ष नहीं लिखा हैए जबकि 2005 के बाद छपे नोटों के पीछे की तरफ  नीचे की ओर छोटे साइज में प्रिंटिंग का वर्ष लिखा हुआ है।
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