बरेली। जिले के उप निबंधक कार्यालयों में पैतृक संपत्तियां न के बराबर पंजीकृत हैं। बीते नौ माह में पैतृक संपत्ति के बंटवारे का एक भी मामला पंजीकृत नहीं हुआ है। इसका कारण यही है कि शहरी क्षेत्र में संपत्ति के कुल मूल्य का सात और ग्रामीण क्षेत्र में चार फीसदी स्टांप ड्यूटी लग रही है। उप निबंधक कार्यालयों में पारिवारिक रिश्तों में संपत्ति दान के 5,321 बैनामे और 962 किरायानामे जरूर पंजीकृत हुए हैं। फिलहाल, मंगलवार को सरकार की ओर से आए फैसले से आम लोग खुश हैं। अधिकारियों को बैनामों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
उप निबंधक प्रथम रवि प्रकाश वर्मा ने बताया कि पैतृक संपत्तियों के पंजीकृत बंटवारे में अब तक छूट केवल कृषि और आवासीय जमीन पर थी। अन्य संपत्तियों पर स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती थी। अब सभी तरह की पैतृक संपत्तियों पर सरकार ने छूट दी है। अब संपत्ति का मूल्य कुछ भी हो, सिर्फ पांच हजार रुपये स्टांप ड्यूटी और कुल मूल्य का एक प्रतिशत शुल्क अदाकर पैतृक संपत्तियों को पंजीकृत कराया जा सकेगा।
छूट जानने पहुंचे उप निबंधक कार्यालय
रिठौरा के पप्पू कश्यप, सईद अहमद व अजमत अली, मिनी बाइपास निवासी अभिनव शर्मा बुधवार को इस छूट की जानकारी करने उप निबंधक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सरकार के फैसले पर खुशी जाहिर की। दस्तावेज लेखक संघ के पूर्व अध्यक्ष अमर सिंह ने बताया कि संपत्तियों के बंटवारे और किरायानामे में छूट से बैनामा लेखकों का काम भी अच्छा हो जाएगा। बैनामों की संख्या बढ़ेगी। संवाद
बीते नौ माह में पैतृक संपत्ति के बंटवारे का कोई मामला पंजीकृत नहीं हुआ। अब छूट की गाइडलाइन आने के बाद ऐसे मामलों के पंजीकृत होने की उम्मीद है। किरायानामों की संख्या भी बढ़ेगी। - तेज सिंह यादव, एआईजी स्टांप