भोजीपुरा के पूर्व विधायक शहजिल इस्लाम की निधि के 57 लाख रुपये हड़पने के मामले में हाईकोर्ट ने डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह और सीडीओ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। चार जनवरी को दोनों अधिकारियों को कोर्ट में पेश होकर अपना पक्ष रखना है। उधर, इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए अधिवक्ता बरेली से रवाना हो गए हैं।
वर्ष 2015में तत्कालीन सपा विधायक शहजिल इस्लाम ने स्प्रिंगडेल स्कूल के प्रबंधक को छात्र-छात्राओं के लिए फर्नीचर खरीदने, लाइब्रेरी बनाने आदि कामों के लिए अपनी निधि से 18 लाख रुपये दिए थे, लेकिन प्रबंधक ने विधायक से किए वादे के मुताबिक काम नहीं कराए। इसकी वजह से दोनों के संबंध खराब हो गए। विधायक का आरोप था कि प्रबंधक ने जिस स्कूल के लिए 18 लाख की रकम ली थी, उस स्कूल की जमीन बेच दी और नया स्कूल खोल लिया था। हालांकि प्रबंधक इस बात से इंकार कर रहा है। इससे खफा होकर विधायक ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने के बाद तत्कालीन अफसरों से विधायक निधि की रकम की रिकवरी के आदेश करा दिए थे। प्रबंधक की आरसी कटी तो उन पर ब्याज समेत 57 लाख रुपया बना। प्रबंधक वसूली के विरुद्ध हाईकोर्ट से स्टे ले आए। इसके बाद किसी अधिकारी ने हाईकोर्ट में इस मामले में की पैरवी नहीं की। बाबुओं ने भी अधिकारियों को सही जानकारी नहीं दी। हाईकोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लेकर डीएम, सीडीओ के अलावा तहसीलदार से भी जवाब मांगा। साथ ही डीएम और सीडीओ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करके उन्हें खुद कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि बाबुओं की लापरवाही की वजह से यह नौबत आई है। हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए अधिवक्ता इलाहाबाद चले गए हैं। उन्हें भी सीडीओ के साथ चार जनवरी को हाईकोर्ट में पेश होना है।