छोटे-मोटे अस्पतालों को छोड़िए, डेलापीर स्थित केशलता अस्पताल जैसे बड़े अस्पताल का भी मेडिकल वेस्ट खुले में डाला जा रहा है। बृहस्पतिवार को नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केशलता अस्पताल के एक कर्मचारी को मेडिकल कचरा फेंकते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। कर्मचारी के बयान के आधार पर केशलता अस्पताल का मेडिकल कचरा फेंके जाने की पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रबंधन को नोटिस भेजकर उस पर जुर्माना ठोकने की तैयारी चल रही है।
मेडिकल वेस्ट के ठीक तरह निस्तारण के लिए पिछले महीने स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाया गया था। शहर के सभी अस्पतालों के प्रबंधन और आईएमए के साथ बैठक करके आगाह किया गया था मेडिकल कचरे का नियमानुसार ही निस्तारण किया जाए। 60 से अधिक अस्पतालाें को मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर नोटिस भी जारी किया गया था। हालांकि इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई ठंडी पड़ गई और अस्पतालों ने भी नोटिस को कचरे में डाल दिया। बृहस्पतिवार को नगर निगम की रैली में शामिल नगर स्वास्थ्य अधिकारी व एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार के साथ नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक महेंद्र प्रताप राठौर और सफाई निरीक्षक संजीव ने केशलता से मेडिकल वेस्ट लेकर डलावघर में फेंकते हुए एक कर्मचारी को पकड़ लिया। इस कचरे में ग्लूकोज की बोतलों के अलावा संक्रमित कचरा भी था। डेलापीर के पास बने डलावघर में पहले भी काफी कचरा फेंका गया था, जबकि अस्पताल का बायो मेडिकल वेस्ट उठाने वाली एजेंसी से अनुबंध भी है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल को दो नोटिस भेजे जाएंगे। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया जाएगा।
जिस कर्मचारी को मेडिकल वेस्ट फेंकते पकड़ा गया है उसके पास ग्लूकोज की बोतलें मिली हैं। अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाएगा और जुर्माना भी लगेगा। चेतावनी दी गई है कि अगर अगली बार बायो वेस्ट सड़क पर दिखा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
जैसे मुझे जानकारी हुई कि हमारे कर्मचारी ने मेडिकल वेस्ट सड़क पर फेंका है तो तुरंत कांट्रैक्टर से बात की गई और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है। प्लास्टिक की बोतलें हो सकता है कि वह बेचने के लिए बाहर गया हो, लेकिन वह बाहर कैसे गया यह भी गलत है।
डॉ. केशव अग्रवाल, संचालक, केशलता अस्पताल