सरकार हस्तशिल्पियों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जोरशोर से प्रचार कर रही है। हैंडीक्राफ्ट्स मेगा क्लस्टर मिशन में बरेली के हजारों कारीगरों के पंजीकरण कार्ड बनाए जा चुके हैं। कुल दो लाख कारीगरों के कार्ड बनने हैं। जिन कारीगरों के कार्ड बने साल भर हो चुका है, लेकिन उन्हें इसका आज तक कोई फायदा नहीं मिला है।
कार्ड से जुड़े कुछ खास तथ्य
मेगा क्लस्टर योजना में कारीगरों का कार्ड पांच वर्ष की अवधि के लिए बनना है।
कार्ड धारक को सुविधा केंद्रों पर जरी, बांस-बेंत, टेराकोटा, पतंग-मांझा, लकड़ी फर्नीचर, आभूषण और दरी निर्माण के लिए मशीन और जगह उपलब्ध होगी। जहां ये अपना सामान बनाकर योजना से जुड़े समूहों को बेच सकेंगे। योजना से कई एनजीओ जुड़े हैं जिनका काम कारीगरों को मेगा क्लस्टर से जोड़कर उनके कार्ड बनाना है।
मेरा कार्ड 12 अप्रैल, 2017 को इश्यू हुआ था। बीए कर चुकी हूं। कार्ड भी रिश्वत देकर बनवाना पड़ा था। उम्मीद थी कि कार्ड मिलने के बाद सरकारी योजनाओं का फायदा मिलेगा लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। - मुबीन फातिमा, ठिरिया
बांस-बेंत धंधा जीएसटी के बाद से मंदा है। कुछ दिन पहले ट्रेनिंग कराई गई थी। कार्ड बनाने के लिए फार्म भी भरवाया पर आज तक फायदा नहीं मिला।
- सीताराम, बिहारीपुर
कार्ड बने साल भर हो गया। कई बार हम दफ्तर भी गए, कार्ड से फायदे के बारे में पूछा पर कोई जवाब नहीं मिला। पढ़े लिखे होते तो शायद कार्ड से कोई फायदा मिल जाता। - मेहरुन्निशा, परसोना नगर