बरेली। आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की छह जनवरी को प्रस्तावित ‘चलो बरेली... भरो बरेली’ रैली पर जिला प्रशासन ने आपत्ति जता दी है। इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड में रैली करने की अनुमति देने का आवेदन खारिज कर दिया है। इधर, सात जनवरी को मौलाना तौकीर रजा ने कॉलेज मैदान में प्रस्तावित अपने कार्यक्रम के लिए अब तक अनुमति ही नहीं मांगी है।
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की छह जनवरी को ‘चलो बरेली... भरो बरेली’ रैली प्रस्तावित है। पार्टी पदाधिकारियों ने इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड में रैली की मंजूरी के लिए तीन दिन पहले आवेदन सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में किया था। मंगलवार को पार्टी के जिलाध्यक्ष अन्ने अंसारी, समाजसेवी शाहीन रजा खान उर्फ राजू शमीम मंगलवार को मंजूरी लेने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय ने कॉलेज मैदान में रैली करने पर आपत्ति जताते हुए आवेदन खारिज कर दिया। उन्हें कहीं और कार्यक्रम करने करने को कहा।
जिलाध्यक्ष अन्ने अंसारी ने बताया कि जिला प्रशासन की आपत्ति के बाद तत्काल नया स्थान चिह्नित किया गया है। अब बटलर प्लाजा के पास मैथोडिस्ट गर्ल्स हॉस्टल परिसर (मिशन कंपाउंड) में रैली करने का निर्णय लिया गया है। शाहीन रजा खान ने बताया कि नए स्थान पर रैली की अनुमति के लिए सभी संबंधित विभागों से एनओसी ली जा रही है। बुधवार को नए स्थान पर कार्यक्रम की अनुमति लेंगे।
देर रात उखड़ने लगा पंडाल और मंच
सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय के आवेदन निरस्त करने के बाद मंगलवार देर रात पुलिसकर्मी इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड पहुंचे। वहां पंडाल और मंच तैयार कर रहे लोगों को तत्काल सभी गतिविधियां बंद करने को कहा। मामले की सूचना मिलने पर एआईएमआईएम पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस से सामान वहां से हटाने के लिए वक्त देने को कहा। देर रात तक कार्यकर्ता पंडाल और मंच का सामान हटाते रहे।
बगैर अनुमति कार्यक्रम करने पर होगी कार्रवाई
मौलाना तौकीर रजा ने भी इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड में ही सात जनवरी को प्रदर्शन का एलान किया है, लेकिन अब तक अनुमति के लिए आवेदन नहीं किया है। सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय ने कहा कि कॉलेज के मैदान में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती है। बावजूद इसके अगर वहां भीड़ इकट्ठी की गई और किसी तरह का प्रदर्शन किया गया तो शासनादेश, धारा 144 और कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के मामले सहित धर्म, जाति विशेष के खिलाफ भाषण को आधार मानते हुए नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।