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सैपल लेकर भेज दिया घर नहीं किया क्वारंटीन

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बरेली। प्रवासियों को ट्रेस करने और उनकी सघन निगरानी के लगातार शासन की ओर से निर्देश मिल रहे हैं, मगर अफसर दिशा-निर्देशों को अनसुना कर संक्रमण रोकने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। सिंगापुर से वापस आए युवक का सैंपल लिए बगैर महज थर्मल स्क्रीनिंग कर घर भेजने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की सजगता पर सवालिया निशान लगा दिया है। दो दिन बाद प्रशासन से निर्देश मिलने के बाद सैंपल लेकर युवक को क्वारंटीन किया गया।
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सीबीगंज के बादशाहपुर में रहने वाले सिंगापुर से वापस आए संक्रमित युवक के पिता के मुताबिक, बेटा पिछले साल अगस्त में सिंगापुर होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने गया था। वह 26 मई को फ्लाइट से सीधे लखनऊ पहुंचा था। वहां से टैक्सी से अगले दिन यानी 27 मई को बरेली अपने घर पहुंचा था। विदेश से आने की वजह से 28 मई की सुबह बेटे को तीन सौ बेड अस्पताल में जांच कराने भेजा था। जहां थर्मल स्क्रीनिंग हुई और पूछताछ के बाद उसे घर भेज दिया गया। दो दिन बाद 30 मई को युवक को फिर से तीन सौ बेड अस्पताल बुलाया गया और फिर सैंपल लेकर जांच को भेजा गया लेकिन इस बार उसे क्वारंटीन किया गया। मंगलवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई।
विदेश में कहर बरपा रहा कोरोना... विभाग बना अनजान
विशेषज्ञों के मुताबिक देश में संक्रमण विदेश से वापस आए लोगों की वजह से फैला है। लिहाजा, विदेश से वापस आ रहे लोगों को प्राथमिकता के आधार पर क्वारंटीन करने और सैंपलिंग के निर्देश मिले हैं। फिर भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने विदेश से वापस आए युवक को घर भेज दिया। शहर के चिकित्सकों के मुताबिक विदेश में जो वायरस की स्ट्रेन है वह घातक है। ऐसी स्थिति में भी विदेश से वापस आने वालों को तत्काल क्वारंटीन किया जाना था।
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वीराने में है घर.. परिजनों को सता रहा चोरी होने का डर
सीबीगंज के संक्रमित युवक का घर बादशाहपुर के बिल्कुल किनारे पर है। परिजनों के मुताबिक एक तरफ होने की वजह से घर असुरक्षित है। वहां जंगल और झाड़ियां भी हैं। लिहाजा, चोरी की आशंका है। बेटे के संक्रमित मिलने के बाद परिजन सीबीगंज थाना पर ही करीब दो घंटे तक खड़े रहे। पुलिसकर्मियों से घर में रखे सामान की हिफाजत की मांग करते रहे मगर, कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने प्रशासन से घर की सुरक्षा की मांग की है।
संक्रमित नर्स एल-वन कोविड से मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट
पीलीभीत बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में सोमवार को एक नर्स संक्रमित मिली थी। उसमें संक्रमण कहां से आया इस बाबत चल रही पड़ताल में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग सका है। हालांकि, अफसरों का दावा है कि दो से तीन दिन में वह संक्रमण के बाबत चेन खोज लेंगे। वहीं, मंगलवार को नर्स को एल वन कोविड से मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
तीन कोरोना संक्रमित डिस्चार्ज, 96 सैंपल लिए
स्वास्थ्य विभाग की ओर से देर रात मिली रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को बरेली के तीन कोरोना संक्रमितों की क्रमिक दो जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर होम क्वारंटीन का कड़ाई से पालन करने का सुझाव दिया गया है। वहीं, 23 सैंपल की आईवीआरआई से मिली रिपोर्ट में पांच संक्रमित मिले हैं। सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ल के मुताबिक तीन सौ बेड अस्पताल में मंगलवार को दो टीमों ने 193 संदिग्ध संक्रमितों की स्क्रीनिंग की। 89 सैंपल लिए। दूसरी ओर, एमएमयू की टीम ने 11 सैंपल लिए हैं। जो बुधवार को जांच के लिए आईवीआरआई भेजे जाएंगे।
निजी अस्पतालों की मनमानी से मरीज परेशान
अस्पतालों में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अब कोरोना की जांच के बाबत निजी अस्पतालों में तीमारदार और डॉक्टरों में नोंकझोंक शुरू हो गई है। दो दिनों में करीब 20 से ज्यादा मरीज जो निजी अस्पतालों में इलाज कराने गए थे, उनका इलाज नहीं किया गया। इसके बाद वे जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के मुताबिक, दो दिन में 20 से ज्यादा मरीज इमरजेंसी में भर्ती किए गए हैं। ये सभी पहले निजी अस्पतालों में गए थे। उन पर कोरोना की जांच का दबाव बनाया गया तो वे जिला अस्पताल आ गए।
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