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Bareilly News: नहीं हुई खरीद, औने-पौने दाम में गन्ना बेच रहे किसान, कोल्हू संचालक काट रहे चांदी

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अन्य चीनी मिलों के खरीद केंद्र नहीं हुए चालू, खेत नहीं खाली होने से किसानों के सामने संकट
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नवाबगंज। क्षेत्र में ओसवाल शुगर मिल के बंद रहने के बाद अन्य चीनी मिलों के खरीद केंद्र से स्थापित कर दिए गए हैं, लेकिन अभी तक ये केंद्र चालू नहीं हो सकी है। इससे परेशान किसान औने-पौने दाम में कोल्हू संचालकों को गन्ना बेच रहे हैं।
किसानों का कहना है कि गन्ना विभाग अभी तक उन्हें दो साल का बकाया 58 करोड़ रुपये ओसवाल शुगर मिल से भुगतान नहीं कर पाया है। इस वजह से ओसवाल शुगर मिल अभी तक नहीं चल सकी है। गेहूं की बोआई का समय चल रहा है। गन्ना किसानों के खेत में खड़ा है। ओसवाल चीनी मिल के न चलने से गन्ना कोल्हू संचालक किसानों का गन्ना औने-पौने दामों में खरीदकर चांदी काट रहे हैं। इससे किसानों के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है।
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किसानों का कहना है कि उन्हें अपने गन्ने के खेत में गेहूं और सरसों की बोआई करनी है, जिसको खाली करना है। यदि समय पर खेत में फसल नहीं बोई गई तो उत्पादन प्रभावित हो जाएगा।
कोल्हू समर्थन मूल्य से कम पर उठा रहे गन्ना
लखनराम, सोमपाल आदि किसानों ने बताया कि अन्य मिलों पर क्रय केंद्र है, लेकिन वहां गन्ने की खरीद नहीं हो रही है। इस कारण करीब 20 दिनों से किसानों को गन्ना कोल्हू संचालकों को 300-350 रुपये तक में बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि इसका समर्थन मूल्य 400 रुपये चल रहा है। वहीं, कोल्हू संचालक 4000 हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गुड़ आदि बेच रहे हैं।
60 से अधिक गन्ना कोल्हू संचालित
जानकारी के अनुसार, नवाबगंज में 60 से अधिक गन्ना कोल्हू संचालित हैं। यहां 20 दिनों से खरीदारी जारी है। यहां प्रतिदिन 50 हजार क्विंटल गन्ने की तौल हो रही है। इन कोल्हुओं पर गुड़, राव, शक्कर बनाकर बाजार में बेची जा रही है। आढ़ती गुड़ खरीदकर उत्तरप्रदेश, राजस्थान, जयपुर, दिल्ली, उत्तराखंड आदि प्रदेशों में भेज रहे हैं। गन्ना कोल्हू संचालक के अनुसार एक क्विंटल में 10 किलो गुड़, 9 किलो राव, पांच लीटर मैली और 50 किलो राव बनती है। संवाद

ओसवाल चीनी मिल ने किसानों का दो वर्षों का भुगतान नहीं किया है, जिससे ओसवाल चीनी मिल अभी तक बंद पड़ी है। मिल के चलने और किसानों के गन्ना भुगतान करने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। किसानों के सामने भारी समस्या खड़ी है। किसानों के गन्ना पेराई की व्यवस्था की जा रही है।
मेघा चतुर्वेदी, सहकारी गन्ना समिति, नवाबगंज

ओसवाल चीनी मिल के चलने के कोई आसार नहीं है। किसानों के गन्ना के भुगतान के लिए भूमि की नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। अभी लोकनिर्माण विभाग को पत्र भेजा रहा है। शीघ्र किसानों का भुगतान कराया जाएगा। किसानों के लिए गन्ना क्रय केंद्र की भी व्यवस्था की गई है। कुछ चीनी मिलों ने अपने गन्ना क्रय केंद्र लगाकर खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है।
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- उदित पवार, एसडीएम, नवाबगंज

ये केंद्र स्थापित, अब तौल का इंतजार
समिति पदाधिकारियों के अनुसार नवाबगंज में बरखेड़ा चीनी मिल, एलएच पीलीभीत और द्वारिकेश चीनी मिल के खरीद केंद्र स्थापित किए गए है। किसानों को सोमवार से पर्ची जारी की गई है। कुछ दिनों में इन केंद्रों पर तौल शुरू होगी।
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