बरेली। सुभाषनगर की दामिनी कहती हैं कि उनके नाना वेंटिलेटर पर हैं। डॉक्टरों ने उन्हें 48 घंटे के अंदर ऑक्सीजन का इंतजाम करने को कहा है। वह पूरा शहर छान चुकी हैं लेकिन कहीं ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिल रहा है। सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग का कहना है कि ऑक्सीजन का इंतजाम प्रशासन देख रहा है और प्रशासन की ओर से ऑक्सीजन सप्लाई की निगरानी कर रहे तहसीलदार कहते हैं कि ऑक्सीजन की सप्लाई दुरुस्त रखने की कोशिश की जा रही है, जल्द और सुधार होगा। इस सबके बीच सवाल यह है कि ऑक्सीजन के इंतजार में कोई मरीज कब तक अपनी सांसों को थामकर रखे।
दामिनी सिंह की तरह हजारों लोग ऑक्सीजन के लिए भटक रहे हैं। कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ने के साथ ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए मारामारी भी बढ़ती जा रही है। शहर में ऑक्सीजन सिलिंडर का कारोबार करने वाली सात-आठ एजेंसी हैं लेकिन किसी पर सिलिंडर उपलब्ध नहीं है। हर एजेंसी पर दो टूक जवाब मिलता है कि फैक्टरी से ही सिलिंडर नहीं आ रहे। शनिवार को सिविल लाइंस में एक एजेंसी पर लोगों की भीड़ लगी थी। सिलिंडर के लिए कई लोग मुंहमांगे दाम देने को तैयार थे लेकिन फिर भी बात नहीं बनी।
एजेंसी मालिक वैभव ने बताया कि उनके पास फैक्टरी से ही सिलिंडर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक-एक दिन में उनकी एजेंसी पर तीन से चार सौ तक लोग ऑक्सीजन सिलिंडर की तलाश में पहुंच रहे हैं। हर किसी को मना करना पड़ रहा है। ऑक्सीजन के बगैर जिंदगी दांव पर लगी हुई है इसलिए कई लोग लड़ने को भी तैयार हो जाते हैं। हालत यह है कि ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए लोग 24 घंटे डीलरों को फोन लगा रहे हैं। ज्यादातर डीलरों ने अपने फोन स्विच ऑफ कर लिए हैं या कॉल ही रिसीव नहीं कर रहे हैं।
मरीज अस्पताल में भर्ती है, फौरन ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत है जो कहीं नहीं मिल रहा है। कहां जाए और किससे बात करें, कुछ भी समझ नहीं आ रहा। - अभय गंगवार, संजयनगर
मेरे नाना अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव है। अस्पताल वालों ने 48 घंटे में ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम करके रखने को कहा है मगर सिलिंडर कहीं नहीं मिल रहा।- दामिनी सिंह, सुभाषनगर
ऑक्सीजन की व्यवस्था खुद प्रशासन संभाल रहा है। तहसीलदार और ड्रग इंस्पेक्टर खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अस्पतालों को भी प्रशासन ही ऑक्सीजन मुहैया करा रहा है। - सुधीर गर्ग, सीएमओ
हम ऑक्सीजन सप्लाई पर बराबर नजर बनाए हुए हैं। सबसे पहले कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन दी जा रही है और फिर नॉन कोविड अस्पतालों को। जल्द व्यवस्था में और सुधार होगा।- आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार