बरेली। गर्मी शुरू होते ही मच्छर भिनभिनाने लगे हैं। पुराने शहर के निचले क्षेत्रों से लेकर पॉश इलाकों तक मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जिले में मलेरिया के 12 और डेंगू के दो मरीज मिल चुके हैं। इसमें निजी अस्पतालों के आंकड़े शामिल नहीं हैं। मच्छरों के डंक से आम लोगों की नींद हराम हो गई है, जबकि नगर निगम के अफसर चैन की नींद ले रहे हैं। उनका कहना है कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान का रोस्टर जारी हुआ है। उसी के मुताबिक फॉगिंग कराई रही है।
ग्रीन पार्क कॉलोनी में चारों ओर जितनी हरियाली है, वहां उतने ही मच्छर भी पनप रहे हैं। कॉलोनी के मनीष शर्मा का कहना है कि नगर निगम फॉगिंग नहीं करा रहा है। पूरी कॉलोनी के लोग परेशान है। नीलेश भारद्वाज ने बताया कि पार्षद से कहो या अधिकारियों से, मच्छरों से राहत के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा। हजियापुर, चक महमूद, सूफी टाेला, कटघर, घेर जाफर खां, पशुपति नाथ मंदिर, फाईक एन्क्लेव, पवन विहार, आकाश पुरम, जखीरा, मीरा की पैठ आदि इलाकों में मच्छरों का प्रकोप ज्यादा है।
47 मशीनों से 80 वार्डाें में फॉगिंग की चुनौती
नगर निगम के पास 47 मशीनें हैं। इसमें 45 छोटी और दो बड़ी मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें सफाई निरीक्षकों को सौंप दी गई हैं, लेकिन इनके जरिये 80 वार्डों में फॉगिंग किसी चुनौती से कम नहीं। रोस्टर के मुताबिक, रोज कम से कम पांच वार्डों में फॉगिंग करानी होती है। पार्षदों और आम लोगों के मुताबिक वार्ड की सभी गलियों में पूर्ण रूप से फाॅगिंग नहीं हो पाती। उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नैन सिंह के मुताबिक, संचारी रोग नियंत्रण अभियान पूरा होने के बाद अगले माह निगम की ओर से फॉगिंग का रोस्टर जारी किया जाएगा। संवाद
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत जारी रोस्टर के मुताबिक फॉगिंग कराई जा रही है। इसमें कई विभाग लगे हुए हैं। मच्छरों के खात्मे के लिए दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त