बरेली। रोडवेज का पुराना बस अड्डा, अव्यवस्थाओं का अड्डा बनकर रह गया है। यहां यात्रियों के लिए पानी और पंखे तक का इंतजाम नहीं। जहां पंखे हैं भी, वहां कनेक्शन ही नहीं है। पैसेंजर लॉबी के बगल में सीवर लीक हो रहा है। बदबू से यात्रियों का ठहरना दूभर हो गया है। सीसीटीवी कैमरे टूटे पड़े हैं और पूछताछ केंद्र को कूड़ा घर बना दिया गया है। यह हाल तब है, जबकि यहां क्षेत्रीय प्रबंधक सहित रोडवेज के अन्य अधिकारी बैठते हैं। उनकी नाक के नीचे व्यवस्था धड़ाम हो गई है। शनिवार को पड़ताल में यह हकीकत सामने आई। संवाद
सिर्फ एक पंखा, यात्री जमीन पर लेटकर ले रहे हवा
दोपहर 12:30 बजे
कई जगह पंखों की जगह सिर्फ रॉड लटकती मिली। कैंटीन के पास एक पंखा चल रहा था। टूटी बेंच पर दो-तीन यात्री बैठे थे। कई यात्री जमीन पर लेटकर हवा ले रहे थे। वहां बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी।
दो साल से प्यासी हैं टोंटियांदोपहर 12:45 बजे
कैंटीन की पास लगी टोंटियां दो साल से प्यासी हैं। अफसरों ने इसे ठीक कराने की जरूरत नहीं समझी। एक यात्री ने टोंटी खोली, पर वह सूखी पड़ी थी। कुछ देर इंतजार के बाद उसने दुकान का रुख किया।
हर तरफ सिर्फ गंदगी और धूल
दोपहर 1:00 बजे
पैसेंजर लॉबी के पास सीवर लाइन लीक हो रही थी। बगल में बेंच पर यात्री बैठे थे। उन्होंने बताया कि यहां बैठना मुश्किल है। परिसर में हर जगह कूड़ा बिखरा मिला। पांच में से सिर्फ एक पूछताछ केंद्र संचालित हो रहा था। अन्य केंद्रों को कूड़ाघर बना दिया है।
यात्री बोले- धूल, मिट्टी और गंदगी में कर रहे इंतजार
पंखे चल नहीं रहे हैं। धूल, मिट्टी और गंदगी के बीच बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। - अनूप
सीवर की बदबू के कारण बैठना मुश्किल है। एक घंटे में यहां सफाई करने कोई नहीं आया। लालाराम
पानी नहीं मिला तो बोतल खरीदी। यहां टोंटियां सूखी हैं। कुछ में बदबूदार पानी आ रहा है। - शिवप्रताप
काम के सिलसिले में आना-जाना लगा रहता है। हर बार यहां कूड़े और गंदगी से सामना होता है। - अफसर