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इलेक्टिक बसों का सचालन कैसे हो जब चालक नहीं

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बरेली। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बरेली को मिली तीन इलेक्ट्रिक बसों का जनप्रतिनिधियों ने हफ्ते भर पहले लोकार्पण तो कर दिया लेकिन अब तक उनके लिए ड्राइवर नहीं मिल पाए हैं। बताया जा रहा है कि इन बसों को चलाने के लिए वेतन इतना कम निर्धारित किया गया है कि कोई यह नौकरी करने को तैयार नहीं है।
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शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का एलान किया गया है। कई महीने पहले ही इन बसों का रूट निर्धारित कर जोर-शोर से उनका प्रचार शुरू कर दिया गया था लेकिन पिछले सप्ताह सिर्फ तीन बसें बरेली को मिल पाईं जिनका हाथ के हाथ लोकार्पण कर दिया गया। यह अलग बात है कि इसके बाद भी उनके सड़कों पर दौड़ने की नौबत नहीं आई है। वैसे तो इन बसों का चार्जिंग स्टेशन ही अभी तैयार नहीं हुआ है लेकिन दूसरी समस्या यह है कि इन बसों को चलाने के लिए ड्राइवर भी नहीं मिल पा रहे हैं।
रोडवेज अफसरों का कहना है कि शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के विभागीय संविदा चालकों को ही लगाया जाएगा। हालांकि वेतन में कमी आने के कारण कोई चालक इसके लिए तैयार नहीं है। बता दें कि रोडवेज चालकों को डेढ़ से दो रुपये पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से वेतन दिया जाता है। इसी कारण ज्यादातर चालक लंबे रूट की बसें चलाने के इच्छुक रहते हैं। शहर में इलेक्ट्रिक बसें चलाने पर इस दर से उनका वेतन काफी कम बन पाएगा। लिहाजा वे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए वेतन निर्धारण का कोई आदेश भी ऊपर से अब तक नहीं आया है।
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नहीं तैयार हुआ चार्जिंग स्टेशन
इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए हरी झंडी तो दिखा दी गई लेकिन अब तक बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं है। इसी के साथ चार्जिंग स्टेशन पर पूरी तरह चार्जिंग प्वाइंट तैयार करने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। काम की रफ्तार देखकर माना जा रहा है कि चुनाव तक इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ना शुरू कर दें तो बड़ी बात होगी।
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