बरेली। होली के बाजार में कोरोना का खतरा साफ नजर आ रहा है लेकिन फिर भी न लोग खुद उसे महसूस करने को तैयार हैं न प्रशासन की ओर से यह खतरा टालने की कोशिश हो रही है। बाजार में हर तरफ बेशुमार भीड़भाड़ दिखाई दे रही है। न लोगों के चेहरों पर मास्क है न आपसी दूरी का ख्याल। ये नजारे स्वास्थ्य विभाग की हालत पतली कर रहे हैं। अफसर अंदेशा जता रहे हैं कि होली के बाद कोरोना फिर रफ्तार पकड़ सकता है।
यह हालत तब है जब पिछले एक-डेढ़ सप्ताह में ही शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या छह गुना तक बढ़ गई है। जिले में कई दिनों से रोज 30-32 संक्रमित पाए जा रहे हैं जबकि डेढ़ सप्ताह पहले तक यह संख्या सिर्फ 5-6 तक ही सीमित थी। कोरोना की बढ़ती रफ्तार के मद्देनजर जब ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है, लोग और ज्यादा लापरवाही बरत रहे हैं। बाजारों में बेइंतिहा भीड़ जुट रही है। लोग कोरोना से पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रहे हैं, इसी कारण न आपसी दूरी का पालन हो रहा है, न ज्यादातर लोगों के चेहरों पर मास्क दिख रहा है। बाजार में दुकानदार भी कोरोना प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन कर रहे हैं। नगर आयुक्त अभिषेक आनंद का कहना है कि लोगों को लगातार कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। लोग नहीं संभले तो चालान करने की कार्रवाई की जाएगी।
कुतुबखाना बाजार: भीड़ में निकलना
मुश्किल, ऊपर से मास्क भी नहीं
बाजार में खरीदारों की इतनी भीड़ उमड़ रही है कि निकलना तक दूभर है। जिला अस्पताल रोड से ही भीड़ शुरू हो जाती है। यह कुतुबखाना बाजार तक पहुंचते ही दोगुनी हो जाती है। दस में सिर्फ दो ही लोग मास्क लगाए दिख रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि दुकानदार भी मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। ऐसे में दुकानदारों में और दुकानदारों से उनके परिवारों तक कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
इंदिरा मार्केट: ठेले और फड़ों पर लगी
भीड़ भी बढ़ा रही संक्रमण का खतरा
पिछले दिनों नगर निगम ने अभियान चलाकर इंदिरा मार्केट रोड से अतिक्रमण हटा दिया था। यहां अब बार फिर मार्केट के बीच में ठेले लगने शुरू हो गए हैं। मार्के ट के तिराहे से आगे तक सड़क के दोनों ओर ठेले खड़े रहते हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग समूहों में खड़े रहते हैं। इसी कारण यहां जाम भी लगता है। यह लापरवाही कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा कई गुना बढ़ रही है।
अंतर्राज्यीय बसों में भी किसी
को कोरोना की परवाह नहीं
मुसाफिरों के साथ स्टाफ भी लापरवाह, बसों में सैनिटाइजर तक नहीं
बरेली। कोरोना संक्रमण का खतरा जैसे-जैसे बढ़ रहा है, रोडवेज बसों में उतनी ही लापरवाही दिखाई दे रही है। सरकार ने गाइडलाइन निर्धारित कर दी है। सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, मगर परिवहन विभाग संजीदा नहीं दिख रहा है। सेटेलाइट बस अड्डे के पूछताछ केंद्र पर भी कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। यहां भी लोगों की भीड़ उमड़ रही है। त्योहार के अंतर्राज्यीय बसों में भी भारी भीड़भाड़ है लेकिन कोरोना से बचाव की कोई कोशिश उनमें भी नजर नहीं आ रही है।
कोरोना संकट के चलते परिवहन निगम के सामने बड़ी चुनौती है। सरकार ने गाइड लाइन दी है कि बसों को सैनिटाइज किया जाए और चालक-परिचालकों को मास्क तथा सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाए। यहां तक कि फेस शील्ड भी देने के निर्देश हैं। बसों की नियमित सफाई भी होनी चाहिए, लेकिन न तो सफाई की जा रही है और न ही बसों को सैनिटाइज किया जा रहा है। इस समय होली की वजह से बसों में काफ ी भीड़ है। दूसरे प्रांतों से भी लोग अपने घरों पर आ रहे हैं। ये लोग बसों से उतरकर सीधे दूसरे वाहनों में बैठ रहे हैं। यह लापरवाही भी शहर को भारी पड़ सकती है।
डॉक्टरों की सलाह.. मास्क लगाएं, भीड़ में न जाएं
बरेली। बाजारों में बढ़ती भीड़ पर डॉक्टरों ने चिंता जाहिर की है। डॉक्टरों का कहना है बाजार में भीड़ लगाने से बचें। बेहद जरूरी होने पर ही खरीदारी के लिए जाएं। मास्क का प्रयोग अवश्य करें। सैनिटाइजर पास रखें और इसका प्रयोग करते रहें।
तीन सौ बेड कोविड हॉस्पीटल के सीएमएस डॉ. वागीश वैश कहते हैं कि संक्रमितों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। ऐसे में जरूरी है कि लोग कोविड नियमों का पालन करें। जरा सी लापरवाही पूरे शहर पर भारी पड़ सकती है। बेहद जरूरी होने पर ही घर से निकलें। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। मास्क का प्रयोग अवश्य करें और हाथों को सैनिटाइज करते रहें। लापरवाही से संक्रमण की चपेट में आने का खतरा रहता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योग-व्यायाम करते रहें। अगर बुखार, खांसी-जुकाम, सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।