फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाउडस्पीकर के लिए अब नहीं लिया जाएगा कोई आवेदन

Tue, 16 Jan 2018 02:06 AM IST
बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
 धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति के लिए सोमवार को अंतिम दिन अफसरों के दफ्तरों में भारी भीड़ जुटी। एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम (सदर) के अलावा अतिरिक्त मजिस्ट्रेटों को आवेदन जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। तहसीलों में भी एसडीएम के दफ्तरों में आवेदन जमा हुए। अंतिम दिन देर शाम तक शहर और देहात में कुल 1600 आवेदन जमा हुए। अब दो दिन तक आवेदनों का सत्यापन होगा। 
विज्ञापन

प्रभारी जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि धार्मिक स्थलों या अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकर लगाने के लिए 15 जनवरी तक मिले आवेदन ही वैध माने जाएंगे। इसके बाद दूर दराज क्षेत्र से कोई आवेदन मिलता है, तो उसे देरी से आवेदन करने का कारण बताना होगा। दो दिन तक आवेदनों के सत्यापन का काम चलेगा। संबंधित उप जिलाधिकारी और थाना प्रभारी अपने क्षेत्र के धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की आवेदन के हिसाब से वास्तविकता से मिलान कर जांच रिपोर्ट भेजेंगे। किसी धार्मिक स्थल को आवासीय एरिया में 45 और औद्योगिक एरिया में अधिकतम 75 डेसिबल आवाज तक ही लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति दी जाएगी। इससे अधिक आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के नियमों के तहत कार्रवाई होगी। 20 जनवरी के बाद किसी भी दशा में अवैध लाउडस्पीकर नहीं बजेंगे। 

रात 10 से सुबह छह बजे तक नहीं बजेगा कोई लाउडस्पीकर
प्रभारी डीएम के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल पर अगर एक लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति प्रदान की गई है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह हर समय बजेगा। प्रशासनिक अनुमति मिलने के बाद भी लाउडस्पीकर रात 10 से सुबह छह बजे तक नहीं बजने दिया जाएगा। बिना अनुमति के लाउडस्पीकर अगर कहीं भी लगा या बजता हुआ पाया गया तो संबंधित व्यक्ति पर एक लाख रुपये का जुर्माना या पांच साल की सजा का प्रावधान है। प्रभारी डीएम ने बताया कि तेज आवाज में या गैर अनुमति लाउडस्पीकर बजाने की शिकायत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या प्रशासन की वेबसाइट पर ऑनलाइन की जा सकती है। नजदीक की पुलिस चौकी या थाने में सूचना देने पर भी कार्रवाई होगी।   
विज्ञापन


स्कूल या अस्पताल के 200 मीटर दायरे में रोक
एसडीएम (सदर) अनुपम शुक्ला का कहना है कि लाउडस्पीकर की अनुमति मांगने वालों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह आवासीय एरिया में 45 डेसिबल और औद्योगिक एरिया में 75 डेसिबल से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर नहीं बजाएंगे। स्कूल या अस्पताल के 200 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के लाउडस्पीकर को नहीं बजने दिया जाएगा। 

मोबाइल से मापें लाउडस्पीकर की आवाज 
एसडीएम (सदर) के मुताबिक लाउडस्पीकर की आवाज मापने के लिए ध्वनि मापक यंत्र का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्ट फोन में प्ले स्टोर से ‘साउंड मीटर‘ ऐप को डाउनलोड करके आसपास एरिया में बजने वाले लाउडस्पीकर की आवाज के डेसिबल का पता कर सकता है। अगर संबंधित व्यक्ति के इलाके में बजने वाले लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानक से अधिक आ रही है तो वह इसकी शिकायत कर सकता है। इस पर तुरंत टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। इस मोबाइल ऐप को प्रशासन ने भी एप्रूव कर दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें