बरेली में बुजुर्ग मरीज को ठेले पर ले जाने का वीडियो वायरल हुआ है। परिजनों का आरोप था कि एंबुलेंस न मिलने के कारण उन्हें ठेले पर अस्पताल ले जाना पड़ा। निजी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उधर, सरकारी एंबुलेंस सेवा के क्षेत्रीय मैनेजर ने कहा कि मरीज के परिजनों ने सरकारी एंबुलेंस सेवा के लिए कॉल नहीं की थी।
चौपुला स्थित गिहार बस्ती निवासी शेरू जूता पॉलिश का काम करते थे। पेट दर्द की शिकायत के चलते उन्हें दो दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को डॉक्टरों ने उनकी हालत में सुधार बताकर उन्हें घर भेज दिया था। घर पहुंचने के बाद शेरू को खून की उल्टी होने लगी। उनकी तबीयत अचानक बहुत बिगड़ गई।
परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस सेवा के लिए फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। कोई विकल्प न होने पर परिजन मरीज को ठेले पर लादकर निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ठेले पर मरीज को ले जाते परिजनों का किसी ने वीडियो बना लिया, जो वायरल हो गया।
निजी अस्पताल में नहीं ले जाती है सरकारी एंबुलेंस
सरकारी एंबुलेंस सेवा के क्षेत्रीय मैनेजर शिवम के मुताबिक वायरल वीडियो पर संबंधित मरीज के परिजन से बात की गई। उन्होंने बताया कि सरकारी एंबुलेंस 108 या 102 पर कॉल नहीं की थी। उन्हें निजी अस्पताल जाना था। सरकारी एंबुलेंस सिर्फ सरकारी अस्पताल में ही मरीज को ले जाती है। निजी अस्पताल में ले जाने का कोई शासनादेश नहीं है।