जनता ने जिसे अपना प्रधान चुना, भ्रष्ट सिस्टम ने मतगणना में धांधली कर उसे हरा दिया। तीन साल तक उन्होंने लड़ाई लड़ी। एसडीएम कोर्ट के आदेश पर शनिवार को जब दोबारा मतगणना हुई तो राजकुमारी को जीत मिली। मामला बरेली जिले के रामनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलेली का है। अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
वर्ष 2021 में हुआ था पंचायत चुनाव
रामनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलेली में वर्ष 2021 में हुए पंचायत चुनाव में प्रधान पद की प्रत्याशी आशा देवी को 650 और राजकुमारी को 644 मत मिले थे। इस आधार पर आशा देवी को विजेता घोषित कर दिया गया था।
राजकुमारी ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाया लेकिन सिस्टम ने उसे अनसुना कर दिया, लेकिन राजकुमारी ने हार नहीं मानी। उन्होंने न्यायालय की शरण ली। तीन साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। आखिरकार उनके पक्ष में फैसला आया। न्यायालय ने दोबारा मतणगना के आदेश दिए।
राजकुमारी को मिले 644 मत, आशा देवी को 641
शनिवार को रामनगर ब्लॉक में प्रधानी के चुनाव के मतों की दोबारा गिनती कराई गई तो राजकुमारी को फिर 644 मत मिले, मगर आशा देवी के मत 641 ही रह गए। वर्ष 2021 में छह मतों से जीत दर्ज करने वाली आशा इस बार तीन मतों से बाजी हार गईं। चुनाव परिणाम से हर कोई हैरान रह गया। साथ ही यह चर्चा भी शुरू हो गई कि उस मतगणना में धांधली हुई।