आंवला के सपा सांसद के जवाब पर केंद्र सरकार ने बताया 653 परियोजनाएं मूल समय-सीमा पार कर चुकी हैं
बरेली। बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और अंबेडकर नगर से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग की नौ परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से वित्त वर्ष 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यह जवाब केंद्र सरकार ने आंवला के सपा सांसद नीरज मौर्य की ओर से लोकसभा में पूछे गए सवाल पर दिया है।
सपा सांसद ने कहा कि उनके द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल से देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाओं की धीमी रफ्तार और बढ़ती लागत की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। उन्होंने सरकार से पूछा था कि वर्ष 2014 के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग की कितनी परियोजनाएं तय समय पर पूरी नहीं हो सकीं? देरी के कारण क्या हैं? इससे लागत कितनी बढ़ी और उत्तर प्रदेश के बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर व अंबेडकर नगर से गुजरने वाले प्रस्तावित राजमार्ग कब तक पूरे होंगे?
सपा सांसद ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखित जवाब में स्वीकार किया गया कि एक अप्रैल 2014 के बाद शुरू की गई 653 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं अपनी मूल समय-सीमा पार कर चुकी हैं। उत्तर प्रदेश में ऐसी 50 परियोजनाएं लंबित हैं। सरकार ने देरी के कारणों में भूमि अधिग्रहण, वैधानिक मंजूरियां, उपयोगिताओं का स्थानांतरण, अतिक्रमण हटाना, ठेकेदारों की वित्तीय कमजोरी, खराब निष्पादन और कोविड जैसी आपदा का हवाला दिया। सपा सांसद ने कहा कि परियोजनाओं में होने वाली देरी से आम जनता पर पड़ने वाले असर पर सरकार का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि जिन योजनाओं में देरी हुई वहां यातायात जाम, दुर्घटनाएं, व्यापारिक नुकसान और क्षेत्रीय विकास पर क्या प्रभाव पड़ा। वहीं, एनएचएआई द्वारा 2015-16 से 2021-22 तक 3,74,121 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की जानकारी दी गई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि अधूरी परियोजनाओं के बीच यह बोझ आखिर किस पर पड़ेगा। सपा सांसद ने कहा कि अब जरूरत है कि सरकार केवल कारण गिनाने के बजाय लेटलतीफी पर समयबद्ध कार्रवाई करे। ब्यूरो