गांव की महिलाओं को किया गया जागरूक
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50 गांवों में गईं नौ टीमें
शाही थाने की नौ टीमें मंगलवार को 50 गांवों में गईं। यहां लाउडस्पीकर से महिलाओं को बताया गया कि किसी व्यक्ति की संदिग्ध हालत या गलत हरकत दिखे तो तत्काल परिवार के लोगों या पुलिस को सूचना दें। पुलिस टीम ने गांव मीरापुर, गौतारा, रहपुरा जागीर, पीथुपुरा, सतुईया आदि में पुलिस ने जगह-जगह महिलाओं और अन्य ग्रामीणों के साथ बैठक करके उन्हें चारा लेने जंगल में अकेले जाने से मना किया।
खेतों में घूमकर पुलिस ने अकेली काम कर रही महिलाओं को घर भेजा। सीओ थर्ड अनीता चौहान के साथ 22 महिला पुलिसकर्मियों की टीम ने महिलाओं से चौपाल में संवाद किया। वहीं पुलिस की अपील पर महिलाएं खेतों की ओर मंगलवार को समूह बनाकर निकली।
देहात में पुलिस को नहीं मिल रही खुलासे की डगर
लगातार हो रही महिलाओं की हत्या के बाद भी हत्यारा पुलिस की पकड़ से दूर है। पुलिस अभी तक कोई सटीक खुलासा नही कर सकी है जबकि पुलिस अक्सर शहर में हुई हत्याओं को खुलासा जल्द कर देती है।
माना जा रहा है ग्रामीण क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे न होने के कारण हत्यारे को चिह्नित करने में परेशानी हो रही है। इसी का फायदा उठाकर हत्यारा आसानी से महिलाओं को शिकार बना रहा है। यह भी कयास लग रहा है कि हत्यारा शायद मोबाइल का भी इस्तेमाल नही करता है, जिस कारण उसकी लोकेशन भी पुलिस को नहीं मिल पा रही है।
तांत्रिक और सनकी तलाशे जा रहे गांव-गांव
पुलिस हत्यारे की तलाश में गांवों की खाक छान रही है और क्षेत्र के पेशेवर अपराधियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस तांत्रिकों और सनकी लोगों के बारे में भी जानकारी कर रही है। पुलिस अजीबोगरीब गतिविधि वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है, साथ ही महिला अपराध में लिप्त रहे लोगों की भी तलाश की जा रही है। मुखबिरों को सक्रिय कर दिया गया है।
एसपी देहात ने वादी के लिए बयान
जगदीशपुर में हुई महिला की हत्या के दौरान एसपी देहात मुकेश चंद्र मिश्रा विभागीय कार्य से बाहर गए हुए थे। लौटने के बाद उन्होंने जांच की तो घटनाक्रम और शव की स्थिति के आधार पर कुछ ऐसे बिंदु हैं जहां करीबी भी जांच की रडार पर आ रहे हैं। एसपी देहात ने वादी वेदप्रकाश के बयान दर्ज कराने के साथ ही पीड़ित परिवार से बात कर कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि शीशगढ़ और शाही क्षेत्र में वृहद जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही सघन तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है। नदी किनारे नाव घुमाने का मुख्य उद्देश्य किनारे पर डेरे डालकर रहने वाले घुमंतुओं का सत्यापन करना है। टीमों को जांच में दो-तीन संदिग्ध लोग मिले हैं पर अभी खुलासे लायक साक्ष्य नहीं मिले हैं।