फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: सात साल बाद गर्म रहीं रातें, पांच साल पहले भी तपे थे सर्दियों के दिन

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। पिछले साल मानसून की शुरुआत में इस बार कड़ाके की ठंड का अनुमान था, लेकिन हुआ उल्टा। बरेली में इस बार दिसंबर, जनवरी में सात साल बाद रात का तापमान कम गिरा और पांच साल के बाद दिन में भी ठंड कुछ कम पड़ी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर में ला-नीना की सक्रियता कम होने से सारे दावे ध्वस्त हो गए।
विज्ञापन

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुमार के मुताबिक प्रशांत महासागर से उठने वाली हवा से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता तय होती है और इसी से ठंड का अनुमान लगाया जाता है। महासागर में ला-नीना की सक्रियता इस बार अनुकूल न होने से पूर्वी क्षेत्र और उत्तर भारत में ठंड का असर बीते वर्षों से कम रहा। सर्दियों की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम रही। न बादल मंडराए और न बारिश हुई। पहाड़ाें की हवा के बावजूद चटक धूप से तापमान में बढ़त बरकरार रही। पहाड़ों पर बर्फबारी ने कुछ ही दिन ठिठुरन का अहसास कराया।
इस बार बरेली में दिसंबर के आखिरी हफ्ते और जनवरी के शुरुआती दो सप्ताह में ही ठंड पड़ी। इसके चलते औसत तापमान सामान्य से ज्यादा रहा। दिसंबर में इस वर्ष औसतन अधिकतम 25.3 डिग्री व न्यूनतम 4.4 डिग्री और जनवरी में अधिकतम 19.5 डिग्री व न्यूनतम 9.2 डिग्री सेल्सियस तक ही तापमान रहा।
विज्ञापन




35 वर्षों में जनवरी 2024 रहा सबसे ठंडा, वर्ष 2006 सबसे ज्यादा गर्म
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1991 से 2025 तक 35 वर्षों के दरम्यान बरेली में जनवरी 2024 सबसे ठंडा रहा। इस दौरान अधिकतम पारा औसतन 14.4 व न्यूनतम 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। वजह, प्रशांत महासागर की हलचल और ला-नीना की सक्रियता रही। वहीं, वर्ष 2006 में जनवरी सबसे ज्यादा गर्मी रही। उस समय अधिकतम 23 डिग्री और न्यूनतम 10.4 डिग्री सेल्सियस औसतन तापमान रहा था। वजह, ला-लीना की अनुकूल सक्रियता में कमी थी। मौसम विभाग से जारी बुलेटिन के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री और न्यूनतम 10.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नमी 93 फीसदी रही।


जनवरी में पिछले सात साल का औसतन तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2025 19.5 9.2
2024 14.4 7.9
2023 17.3 7.8
2022 16.7 8.4
2021 18.2 8.1
2020 17.5 8.6
2019 20.5 6.8
2018 17.7 6.1
नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में।

क्या है ला-नीना



ला-नीना प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी भूमध्य रेखीय क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान के बड़े पैमाने पर ठंडे होने को दर्शाता है। साथ ही, हवा दबाव और बारिश में बदलाव की अहम वजह बनता है। इसकी सक्रियता से ठंड ज्यादा पड़ती है और कर्मी की संभावना कम होती है।
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें