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Weather: दो डिग्री लुढ़का रात का पारा, प्रदेश में दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा बरेली; दो दिन बूंदाबांदी के आसार

Sun, 08 Dec 2024 03:44 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली शनिवार को प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। सर्द हवा चलने से ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने बूंदाबांदी के साथ तीन दिन तक तापमान में गिरावट होने का अनुमान जताया है। 
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सर्द हवा ने बढ़ाई ठिठुरन (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पहाड़ों से आ रही सर्द हवा से शहर में ठंड बढ़ती जा रही है। शनिवार को बरेली प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा शहर रहा। अधिकतम तापमान 22.7 तो न्यूनतम 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, बिजनौर का अधिकतम पारा 21.7 और मेरठ का न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आगे भी तापमान में गिरावट का अनुमान जताया है।

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दिसंबर की शुरुआत धूप के साथ हुई थी, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने से चार दिन बाद पारा लुढ़कने लगा। बीते तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा चुकी है। वहीं, अधिकतम पारा भी दो डिग्री तक लुढ़क चुका है। 

मौसम विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुमार के मुताबिक पछुआ हवा चलने से पहाड़ों से सटे क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ी है। आठ नौ दिसंबर से ठंड और बढ़ने का अनुमान है। कहीं-कहीं बूंदाबांदी के भी आसार हैं। तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है।

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बीते सात दिनों का तापमान
तिथि अधिकतम न्यूनतम
सात दिसंबर 22.7 6.4
छह दिसंबर 22.9 8.5
पांच दिसंबर 23.4 9.6
चार दिसंबर 25.2 11.7
तीन दिसंबर 25.3 10.1
दो दिसंबर 24.8 11.6
एक दिसंबर 25.0 10.5
नोट : आंकड़े मौसम विभाग से प्राप्त, तापमान डिग्री सेल्सियस में।

सर्दी में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा 
सप्ताहभर से रात का पारा ठिठुरन का अहसास कराने लगा है। अधिकतम तापमान में भी गिरावट शुरू हो गई है। बढ़ती ठंड से शुगर और बीपी के मरीजों को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। लिहाजा, उनको नियमित जांच कराना चाहिए। जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले 40 पार के प्रत्येक मरीज का बीपी और डायबिटीज की जांच के निर्देश हैं। 

जांच में असामान्य पाए जाने पर उनकी सूची तैयार की जाएगी। आशा कार्यकर्ता को भेजकर ठंड तक उनकी निगरानी की जाएगी। तबीयत बिगड़ने पर संबंधित आशा कार्यकर्ता मरीज का नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएंगी। हालत गंभीर मिलने पर हायर सेंटर रेफर किया जाएगा। 

जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक ठंड में बीपी के मरीजों को सतर्क रहना जरूरी है। रक्तवाहिकाओं के सिकुड़ने से रक्तचाप बढ़ जाता है। इंसुलिन ले रहे डायबिटीज के मरीज को भी हाइपरटेंशन की आशंका रहती है। दोनों स्थितियों में हार्ट अटैक का खतरा रहता है। 
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सेहत पर भारी पड़ सकती है बेपरवाही
फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक, ऐसे मौसम में बच्चे व बुजुर्ग सुबह-शाम घर में रहें। गुनगुना पानी और दूध में हल्दी मिलाकर पिएं। धूप निकलने पर भी गर्म कपड़े पहनें। कान और सिर को ढंककर रखें। रात में यात्रा करने से बचें। जारा सी बेपरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है।
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