बरेली। छठ पूजा की तैयारियां शनिवार से ही शुरू हो गईं। महिलाओं ने घरों में गेहूं धो कर सुखाया। अब रविवार को नहाय खाय से व्रत शुरू करेंगी। सोमवार को खरना होगा। भोजपुरी, अवधी, मैथली, पूर्वांचल समिति के संयुक्त प्रयासों से हो रही छठ पूजा के संयोजक राघव प्रसाद ठाकुर ने बताया कि खरना में लौकी की सब्जी का खास महत्व है। मंगलवार को व्रत रखने वाली महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी और बुधवार को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बरेली में लगभग 20 हजार लोग छठ व्रत रखते हैं। पूजा करने वाले लोग अलग-अलग स्थानों से नदी और तालाब के किनारे एकत्र होते हैं। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी, रामगंगा घाट, धोपेश्वर नाथ मंदिर, त्रिवटी नाथ मंदिर, राम जानकी मंदिर, छपरा कॉलोनी, सिद्धार्थ नगर, रेलवे ऑफिस कॉलोनी, शास्त्रीनगर, डिफेंस कॉलोनी, शिव पार्वती मंदिर, गिरधारीपुर नदी घाट, राम नगर कॉलोनी, गायत्री नगर, कृष्णा नगर रेलवे कॉलोनी, इफ्को फैक्ट्री आदि जगहों पर यह व्रत आस्था और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पूजा का आयोजन डॉ. एपी सिंह, डॉ. आरके सिंह, प्रो. विजय बहादुर, डॉ. धर्मेंद्र नाथ, डॉ. आईके चौरसिया, संजय शर्मा, रामगिरीश ठाकुर, देवेंद्र राम, सुनील यादव, कवींद्र सिंह, यशपाल सिंह, तारकेश्वर चतुर्वेदी, एसके भारती, गिरजा भारती, अवध किशोर, श्रीप्रकाश राय, अखिलेश यादव, मोहन सिंह आदि की ओर से किया जा रहा है।