खरीद-फरोख्त के अभिलेख खोलेंगे हकीकत
मामले की तह तक जाने के लिए जांच टीम को ऊधमसिंह नगर, बरेली और पीलीभीत के 58 गांवों में भूमि अधिग्रहण संबंधी अभिलेख खंगालने होंगे। जिस जमीन को कृषि से अकृषि घोषित कर अधिक मुआवजा हासिल करने का खेल रचा गया, उसकी पत्रावली अधिकारियों और कर्मचारियों की कारगुजारी की पोल खोलेगी।
सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचना जारी होने के बाद न तो भूमि का उपयोग बदला जाता है, न ही भूमि की खरीद-फरोख्त हो सकती है। अगर हेराफेरी कर ऐसा किया गया है तो अभिलेखों की जांच से हकीकत सामने आएगी।