बरेली। शहर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को शासन ने गंभीरता से लिया है। नगर निगम से इस पर जवाब मांगा गया है। स्वच्छ भारत मिशन के सचिव अनुराग यादव ने एनजीटी और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। इसमें कूड़े में आग लगाने और पॉलिथीन का प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई के बारे में भी पूछा गया है।
स्वच्छ भारत मिशन के सचिव अनुराग यादव ने नगर निगम को भेजे पत्र में कहा कि एनजीटी और पर्यावरणीय नियमों का किस तरह अनुपालन किया गया है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट दें। यह भी बताएं कि कूड़े में आग लगाने वाले कितने लोग चिह्नित किए गए और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। खुले में कूड़ा डालने या गंदगी फैलाने के कितने मामलों का संज्ञान लिया गया। प्रतिबंधित पॉलिथीन जब्त करने की कार्रवाई के बाबत भी रिपोर्ट मांगी गई है। अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने बताया कि शासन के आदेशों का पालन किया जा रहा है। शासन ने जो रिपोर्ट मांगी है, उसे भेजा जा रहा है। नगर निगम पर्यावरण को लेकर सजग है। विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए नगर निगम प्रशासन अब तक 10 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूल चुका है।
एक बार कार्रवाई के बाद मामला ठंडे बस्ते में
नगर निगम की ओर अगस्त में सेतु निगम और जल निगम के खिलाफ निर्माण कार्यों में एनजीटी के आदेशों का अनुपालन न करने पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना किया गया था। यह कार्रवाई भी तब हुई थी जब नगर आयुक्त के आवास की ओर जाने का वाला रास्ता बंद हो गया था और नगर निगम कार्यालय के सामने धूल के गुबार उड़ने लगे थे। उस समय नगर आयुक्त ने जुमार्ना भी लगाया था और एक निगरानी समिति बनाकर मॉनीटिरिंग करने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन उसके बाद कभी समिति ने प्रदूषण संबंधी कोई रिपोर्ट नहीं दी और फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
सर्दी की वजह से इन दिनों सामान्य है प्रदूषण का स्तर
सर्दी के कारण इस समय प्रदूषण का स्तर सामान्य है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, इस समय एक्यूआई 220 है, जो नुकसानदेय नहीं है। उन्हाेंने बताया कि सर्दी में ओस की बूंदों के कारण धूल के कण वायुमंडल में ज्यादा देर नहीं रह पाते हैं। वे जमीन की सतह पर आ जाते हैं। इससे प्रदूषण कम ही रहता है।