बरेली के आंवला तहसील क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बल्लिया से नवजात के लापता होने का मामला सामने आया है। भमोरा थाना क्षेत्र के गांव झिंदरी निवासी कमलेश ने बुधवार को डीएम से शिकायत की। आरोप लगाया कि उनकी बच्ची को बेच दिया गया है। उन्होंने बताया कि बच्ची के जन्म के बाद वह बेहोश हो गई थीं। होश आया तो जिम्मेदारों ने बच्ची को मृत बता दिया गया, लेकिन उसका शव नहीं दिया गया। अफसरों के शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इस पर डीएम ने सीएमओ को तलब कर लिया। साथ ही, एसडीएम आंवला की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है।
चार माह पुराना है मामला
कमलेश के मुताबिक, उनका पति रमेश राजस्थान में मजदूरी करता है। उनकी पांच बेटियां और एक बेटा है। चार माह पहले उसका सामान्य प्रसव बल्लिया सीएचसी में हुआ था। प्रसव के वक्त अधिक रक्तस्राव के कारण वह बेहोश हो गईं। होश आया तो अस्पताल स्टाफ ने बताया कि बेटी हुई थी, लेकिन उसकी मृत्यु हो गई। शव किसे सौंपा गया, इसका जवाब नहीं मिला। घटना के वक्त रमेश राजस्थान में थे। कमलेश के साथ गांव की कुछ महिलाएं थीं जो प्रसव के बाद घर लौट गई थीं। दो दिन बाद उसे घर भेज दिया गया।
कमलेश ने बच्ची के बारे में एएनएम और आशा कार्यकर्ता से भी पूछा, लेकिन उन्होंने जानकारी न होने की बात कही। तीन महीने बाद रमेश के लौटने पर आंवला तहसील में और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की। काफी प्रयास के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला तो बुधवार को मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी।