20 वर्गफुट के दायरे में कंक्रीट-डामर की परत साफ, ऊपर से ही दिख रहा नदी का नजारा
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पुलिस ने भारी वाहनों को जैतीपुर रोड पर डायवर्ट किया, खतरे के बावजूद छोटे वाहनों को गुजरने की मनाही नहीं
फतेहगंज पूर्वी। लखनऊ हाईवे पर गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए अब तक हुलासनगर क्रॉसिंग पर लगाने वाला जाम मुसीबत बना हुआ था, अब बहगुल नदी के पुल की सड़क पर 20 वर्ग फुट के दायरे में कंक्रीट-डामर की परत उखड़ जाने से नई मुश्किल खड़ी हो गई है। सड़क पर आरपार गड्ढा हो जाने से सरियों का जाल बाहर निकल आया है और हादसे का खतरा बना हुआ है। भारी वाहनों को जैतीपुर की ओर डायवर्ट कर दिया गया है लेकिन हल्की गाड़ियां खतरा होने के बावजूद इसी पुल से गुजर रही हैं।
बहगुल नदी के पुल की सड़क सोमवार शाम को अचानक धंसना शुरू हुई। इसके बाद भारी वाहनों की धमक से पुल के बीच करीब 20 वर्ग फुट के दायरे में कंक्रीट और डामर की परत टूट-टूटकर नदी में गिरती रही और कुछ ही देर में आरपार गड्ढा हो गया। इस गड्ढे पुल की सड़क पर से ही नीचे नदी दिखाई देने लगी। इसके बाद पुल को भारी वाहनों के लिए असुरक्षित मानते हुए तुरंत उनकी आवाजाही बंद करा दी गई। पुलिस ने भारी वाहनों को जैतीपुर रोड पर डायवर्ट कर दिया। हालांकि इसके बावजूद इक्का-दुक्का भारी वाहन पुलिस की चेतावनी की अनदेखी कर पुल से गुजरते रहे। इस वजह से मंगलवार सुबह तक पुल की सड़क और धंस गई। पुल पर लिंटर की सरियों के अलावा नीचे बह रही बहगुल भी दिखाई देने लगी।
इसके बाद पुलिस ने भारी वाहनों को खतरनाक घोषित करते हुए गड्ढे के चारों ओर बड़े पत्थर लगवा दिए। हालांकि दोपहिया-तिपहिया वाहनों के साथ हल्के वाहन पुल से लगातार गुजर रहे हैं। इससे कभी भी हादसा होने की आशंका भी बनी हुई है। 24 घंटे बाद भी पुल की मरम्मत की सुध नहीं ली गई है।