बरेली। जर्जर हो चुकी शहर की 50 वर्ष पुरानी सीवर लाइन को बदलने की कवायद शुरू हो गई है। अमृत मिशन योजना के तहत केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और मेयर उमेश गौतम ने सोमवार को ईसाइयों की पुलिया के पास आयोजित कार्यक्रम में नई ट्रंक सीवर लाइन परियोजना के फेज वन का शिलान्यास किया। पहले चरण में 54.85 करोड़ रुपये की लागत से 12.74 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी और 4509 कनेक्शन किए जाएंगे।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने, इस प्रोजेक्ट का श्रेय मेयर उमेश गौतम को देते हुए कहा कि उन्होंने इसके बारे में सोचा और चिंता करके यह प्रोजेक्ट बनवाया। उन्होंने जल निगम के अफसरों से यह प्रोजेक्ट समय से पहले पूरा की उम्मीद जताई। साथ ही मेयर से कहा कि वह इस प्रोजेक्ट की लगातार मानीटरिंग करें ताकि काम जल्दी पूरा हो सके। मेयर उमेश गौतम ने जल निगम के अफसरों से कहा काम शुरू करें तो यातायात की समस्या का ख्याल रखें। लाइन डालने के साथ ही सड़क भी बनाते चलें। उन्होंने बताया कि इसके पहले चरण में सरायजल्फी में एसटीपी बन चुका है, जिसका काम 2020 तक पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार से मदद के लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का आभार जताया। इससे पूर्व कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने इस प्रोजेक्ट के दौरान सड़कों की खुदाई से जनता को होने वाली दिक्कतों को लेकर खेद जताया। कहा- शहर में इस समय कई फ्लाईओवर के काम भी चल रहे हैं इसलिए दिक्कत तो होगी लेकिन जिला प्रशासन इस समस्या को कम करने का काम करे। इस दौरान उन्होंने स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट के बारे में भी जानकारी दी। बताया कि चौराहों का सौंदर्यीकरण का काम इस प्रोजेक्ट के चलते अब एक साल बाद शुरू हो सकेगा। जलनिगम के एसई नीरज कुमार और एक्सईएन संजय कुमार ने प्रोजेक्ट की रूपरेखा प्रस्तुत की। इस दौरान अपर नगर आयुक्त ईश शक्ति सिंह, उपसभापति अतुल कपूर, ललित अवस्थी, रूपेंद्र पटेल आदि मौजूद रहे। संचालन पार्षद शालिनी जौहरी ने किया।
यहां पड़ेगी सीवर लाइन
- सिंधुनगर से श्यामगंज चौराहा, कालीबाड़ी, बरेली कॉलेज रोड होते हुए चौपुला चौराहा तक।
- खुर्रम गौटिया से गांधी उद्यान, प्रभा सिनेमा, चौकी चौराहा होते हुए चौपुला चौराहा तक।
- मुख्य डाकघर से कचहरी, कचहरी से जंक्शन पुलिस चौकी, मालगोदाम रोड होते हुए चौपुला चौराहा तक।
- चौपुला चौराहा से बरेली सिटी स्टेशन होते हुए जसोली फाटक तक।
- स्टेट बैंक कालोनी से गढ़ी चौकी, अलखनाथ मंदिर, किला चौराहा, दूल्हा मियां के मजार होते हुए जसोली फाटक तक।