बरेली। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शत-प्रतिशत विद्यार्थियों के हाथों में किताबें पहुंचाने का दावा जमीन पर फिलहाल हवा होता नजर आ रहा है। जिले में किताबों की आपूर्ति की सुस्त रफ्तार ने विभाग की तैयारियों की पोल खोल दी है।
आंकड़ों के मुताबिक, सत्र 2026-27 के लिए जनपद में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए कुल 27,38,342 किताबों और कार्यपुस्तिकाओं (वर्कबुक) की आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक जिले को केवल 17,38,772 किताबें ही प्राप्त हो सकी हैं। यानी कुल मांग का लगभग 63.50 प्रतिशत हिस्सा ही अभी तक जनपद को मिल पाया है।
सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि किताबों की तुलना में कार्यपुस्तिकाओं (वर्कबुक) की स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक है। कक्षा एक से चार तक की पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति जहां 86 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है, वहीं कार्यपुस्तिकाओं की आपूर्ति मात्र 31 प्रतिशत पर सिमटी हुई है। इससे भी बुरा हाल उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा पांच से आठ) की कार्यपुस्तिकाओं का है, जहां 3.86 लाख की मांग के सापेक्ष अब तक केवल 8,935 वर्कबुक ही प्राप्त हुई हैं, जो कुल लक्ष्य का मात्र 2.31 प्रतिशत है।
आपूर्ति के साथ-साथ वितरण की गति भी विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। जिले को जो 17 लाख से अधिक किताबें प्राप्त हुई हैं, उनमें से भी अब तक केवल 8.71 लाख किताबें ही विद्यार्थियों तक पहुंच सकी हैं। वितरण का यह औसत प्रतिशत लगभग 50 के आसपास बना हुआ है। विशेष रूप से कार्यपुस्तिकाओं का वितरण तो अभी शून्य ही नजर आ रहा है।