दो चरणों में होगा टाउनशिप का विकास
बीडीए की इस औद्योगिक टाउनशिप को दो चरणों में विकसित किया जाएगा। इसमें विश्वस्तरीय सुविधाओं का प्रावधान होगा, जिसमें स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, भूमिगत विद्युत नेटवर्क, गैस पाइपलाइन, ई-चार्जिंग स्टेशन, चौड़ी और मजबूत सड़कें, उन्नत सीवरेज व ड्रेनेज सिस्टम, फायर स्टेशन और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। यह टाउनशिप फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, लाइट इंजीनियरिंग, वेयरहाउसिंग और एमएसएमई सेक्टर के लिए विशेष रूप से आकर्षक मानी जा रही है।
डिमांड सर्वे शुरू
निवेशकों की रुचि और आवश्यकताओं को समझने के लिए बीडीए ने तीन दिनों का डिमांड सर्वे शुरू किया है। इच्छुक उद्यमी बीडीए की आधिकारिक वेबसाइट bdainfo.org पर आवेदन कर सकते हैं या लखनऊ में आयोजित फूड एक्सपो में बीडीए के स्टॉल पर जाकर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
बरेली विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने बताया कि बीडीए अपनी इस पहल के जरिये उद्यमियों को व्यवहारिक, किफायती और दीर्घकालिक विकल्प मुहैया कराएगा। इससे शहर के विकास को रफ्तार मिलेगी। रोजगार सृजन भी होगा।
उद्यमियों को जगी उम्मीद
जिले के परसाखेड़ा, सीबीगंज, फरीदपुर, रजऊ, भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 400 से अधिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। इन क्षेत्रों में अधिकतर भूमि यूपीसीडा और उद्योग विभाग की है। यह उद्यमियों को 99 वर्ष की लीज पर दी गई है। लीज समाप्त होने के बाद नवीनीकरण में उद्यमियों को समस्याएं आती हैं। कई बार इकाई बंद करने तक की नौबत आ जाती है। प्रदेशभर के उद्यमी फ्री होल्ड भूमि के लिए वर्षों से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अब बीडीए की पहल से उनको भी भूमि फ्री होल्ड होने की उम्मीद जगी है। इससे प्रदेश सरकार की एमएसएमई नीति को भी बढ़ावा मिलेगा। छोटे उद्यमी भी अपने उद्योग को विकसित कर पाएंगे।
लगेंगे नए उद्योग
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन मयूर धीरवानी ने बताया कि बीडीए की ओर से भूमि फ्री होल्ड करने की पहल उद्योगों को बढ़ावा देने वाली है। इस नीति से जिले में नए उद्योग आएंगे और जिला नए औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगा।
जिले में संचालित हो रहीं प्लाईवुड और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां
जिले में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ीं छोटी-बड़ी 200 से अधिक इकाइयां संचालित हैं। यहां बने उत्पाद दूसरे प्रदेशों में भी भेजे जाते हैं। करीब 150 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार होता है। परसाखेड़ा में करीब एक दर्जन प्लाईवुड फैक्टरियां हैं। यहां बना माल दक्षिण भारत, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड समेत अन्य जगह भेजा जाता है। जिले के प्लाईवुड उद्योग का वार्षिक टर्नओवर सौ करोड़ रुपये से अधिक का है।
इसी के मद्देनजर बीडीए ने औद्योगिक टाउनशिप में भूमि को फ्री होल्ड करने का फैसला लिया है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सचिव रजत मेहरोत्रा ने बताया कि नई टाउनशिप में उद्यमियों को सभी तरह की सुविधाएं मिलेगी। उन्हें एनओसी के लिए भटकना नहीं होगा। विकास शुल्क से भी राहत मिलेगी। प्रदूषणमुक्त वातारण के बीच उद्योगों की रफ्तार बढ़ेगी।