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बाजार में आज से नई गाइड लाइन

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बरेली। कोरोना तो अभी नहीं गया लेकिन शहर का बाजार जरूर कोरोना की छाया से मुक्त होने जा रहा है। पूरे 173 दिन बाद रविवार को भी शहर का बाजार खुलेगा। प्रशासन ने बहुत ज्यादा स्पष्ट नहीं किया है लेकिन व्यापारियों का मानना है कि बाजार में अब भीड़भाड़ रोकने के अलावा और कोई पाबंदी नहीं होगा। बाजार खुलने और बंद होने का समय क्या होगा, इस पर भी असमंजस है। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन यदि इस बारे में स्थिति साफ कर देता तो ज्यादा बेहतर होता लेकिन कोई घोषणा न करने का भी यही मतलब है कि बाजार पर अब यह पाबंदी भी नहीं रहेगी।
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देश में कोरोना के रफ्तार पकड़ने के साथ 24 मार्च को लॉकडाउन लागू किया गया था जिसके बाद बाजार के साथ औद्योगिक इकाइयाें में भी सारी गतिविधियां ठहर गई थीं। इसके बाद आवश्यक वस्तुओं की सीमित दुकानें खोलने के साथ कारखानों में उत्पादन तो शुरू करा दिया गया लेकिन बाकी बाजार सामान्य नहीं हो पाया। अगले दौर में बाजार खुलने की इजाजत दी गई तो उन पर रोस्टर के साथ तमाम नियमों का भी बोझ डाल दिया गया। अनलॉक शुरू होने के बाद भी पहले सप्ताह में दो दिन और फिर एक दिन का लॉकडाउन लागू रखा गया। अब पूरे 173 दिन बाद बाजार को पूरी तरह आजाद किया गया है। हालांकि प्रशासन के स्तर से तीन दिन बाद भी आधी-अधूरी गाइड लाइन जारी करने से व्यापारियों में अब भी असमंजस बना हुआ है।
भीड़भाड़ रोकने के नियम और बाजार
खुलने-बंद होने का समय नहीं पता
शासन की गाइड लाइन लागू करते हुए जिला प्रशासन की ओर से सिर्फ एलान भर किया गया है कि भीड़भाड़ रोकने के लिए सख्ती की जाएगी लेकिन इस संबंध में क्या नियम होंगे, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। इसी तरह व्यापारियों में बाजार खुलने और बंद होने के समय पर भी सबसे ज्यादा असमंजस है। प्रशासन ने अपनी गाइड लाइन में इस बिंदु पर भी कुछ साफ नहीं किया है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन के बाजार खुलने और बंद होने के समय पर कोई निर्देश जारी न करने से साफ है कि शासन ने इस मुद्दे पर कोई बाध्यता नहीं रखी है।
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इतना तो बता दें.. रेस्टोरेंट-होटल में
बैठाकर खाना खिलाएं या नहीं
शासन ने रेस्टोरेंट और होटलों में ग्राहकों को बैठाकर खाना खिलाने पर पाबंदी लगाई हुई है। अब बाजार से पाबंदियां हटने के बाद रेस्टोरेंट वाले भी सबसे ज्यादा असमंजस में हैं कि उन पर आगे क्या नियम लागू होगा। हालांकि शासन की पाबंदी होने के बावजूद पुराना शहर, सैलानी, मीरा पैंठ, पीलीभीत बाईपास, कटरा चांद खां, बिहारीपुर, साहूकारा, डेलापीर, सौ फुटा, किला, सीबीगंज, इज्जतनगर, राजेंद्रनगर, सिविल लाइंस आदि इलाकों में रेस्टोरेंट यह नियम तोड़ रहे थे। लोगों को चुपचाप अंदर बैठाकर खाना परोसा जा रहा था और पुलिस भी इसकी अनदेखी कर रही थी।
श्यामगंज बाजार
में आज बंदी
श्यामगंज और आसपास के बाजार में रविवार को पहले की तरह साप्ताहिक बंदी रहेगी। सिविल लाइंस, बड़ा बाजार, किला, साहूकारा, कुतुबखाना, नॉवल्टी चौराहा, सुभाषनगर, इज्जतनगर, राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, डेलापीर, मॉडल टाउन, सराफा बाजार, सदर कैंट, कोहाड़ापीर, पुराना शहर आदि बाजार रविवार को भी खुलेंगे। इन इलाकों में बृहस्पतिवार को बंदी रहेगी।
आशंका.. ज्यादा आजादी कहीं
कोरोना को बेकाबू न कर दे
प्रशासन ने पुरानी व्यवस्था लागू कर दी लेकिन बाजार के समय पर कुछ साफ नहीं किया है, इससे बाजार में भ्रम बना हुआ है। देर रात तक होटल-रेस्टोरेंट खुलने पर रोक लगनी चाहिए क्योंकि इसका फायदा असामाजिक तत्व उठा सकते हैं। दस बजे के बाद खानपान की दुकानें नहीं खुलने दी जानी चाहिए। - सुदेश अग्रवाल, व्यापारी नेता
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होटल और रेस्टोरेंट आधी तक खुले आम खुले रहते हैं जहां शारीरिक दूरी का पालन तक नहीं होता है लेकिन पुलिस वाले सारे नियमों का पालन करने के बावजूद दिन भर हम लोगों को परेशान करते हैं। प्रशासन के अफसरों को बाजार के समय पर भी स्पष्ट आदेश जारी करना चाहिए। - सरदार भूपेंद्र सिंह, दुकानदार
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प्रशासन ने अपनी गाइड लाइन में कारोबार करने का समय तय नहीं किया है, इससे भ्रम बना हुआ है। इसे फौरन तय किया जाए। प्रशासन अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाएगा तभी कोरोना से निपटा जा सकता है। - रचित अग्रवाल, दुकानदार
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व्यापार का समय तय नहीं होने से अराजकता फैलेगी। प्रशासन दुकानें बंद करने का समय तय कर साप्ताहिक बंदी की व्यवस्था भी सख्ती से लागू कराए। ताकि बाजार में अनुशासन बना रहे और कोरोना पर काबू पाना मुश्किल साबित न हो। - शिवम खंडेलवाल, व्यापारी
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