लोगों का दर्द
स्थानीय निवासी जितेंद्र कुमार यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। कई बार व्यापारी इस मुद्दे को उठा चुके हैं मगर कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। अब तो श्यामगंज चौराहा ही खत्म कर दिया है। इसका यही मतलब है- न रहेगा चौराहा न लगेगा जाम। व्यापारी हर सहयोग के लिए तैयार हैं।
सोनू आहूजा ने कहा कि शहर में ई-रिक्शा और टेंपो बेतरतीब चल रहे हैं। पहले कलर कोडिंग की बात हो रही थी और अब कहीं यह दिखाई नहीं दे रहा है। श्यामगंज में बहुत बेतरतीब तरीके से टेंपो खड़ाकर सवारियां भरी जाती हैं। इनके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं होती है।
धीरज चौधरी ने कहा कि आजाद इंटर कॉलेज के पास से ही ठेले, ई-रिक्शा व टेंपो वाले सड़क घेरे खड़े रहते हैं। ईंट पजाया पर भी चौराहा खत्म कर बोल्डर लगाकर रास्ता सीधा कर दिया है। अब यहां वाहनों की कतारें लगी रहती हैं। चौराहा खत्म कर जाम खत्म करना समाधान नहीं है।