इन मामलों में फॉरेंसिंक रिपोर्ट अनिवार्य
डकैती की धारा 395 की जगह 310 (2) होगी। हत्या के प्रयास में अभी तक धारा 307 लगती थी, लेकिन अब 109 के तहत रिपोर्ट दर्ज होगी। धोखाधड़ी के मामले धारा 420 की जगह 316 में लिखे जाएंगे। इसी तरह से सभी अपराध की धाराएं परिवर्तित कर दी गई हैं। अब पुलिसकर्मी इसे पढ़ रहे हैं। नए कानून के तहत सात साल से ज्यादा सजा वाले मामलों में फॉरेंसिंक रिपोर्ट अनिवार्य होगी। इसके साथ ही अभी तक आरोपियों के हाथों में हथकड़ी लगाने का प्रावधान नहीं था। अब सात साल से ज्यादा सजा के मामले में पुलिस हथकड़ी का इस्तेमाल कर सकेगी।
अधिवक्ताओं के लिए भी होगी कार्यशाला : ध्यानी
बरेली बार एसोसिएशन के सचिव वीपी ध्यानी ने बताया कि जिले में करीब चार हजार अधिवक्ता हैं। एक जुलाई से नया कानून लागू होने पर अधिवक्ताओं को भी तमाम कठिनाइयों को सामना करना पड़ेगा। अधिवक्ताओं के सामने दिक्कत यह है कि पुराने मुकदमों की सुनवाई पुरानी धाराओं के तहत होगी। सजा का भी प्रावधान पहले वाला होगा। ऐसे में अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा बढ़ गई है। अधिवक्ताओं को नए कानून के तहत जानकारी देने के लिए कार्यशाला की जरूरत होगी। बार के पदाधिकारियों से बातचीत के बाद जल्द ही एक वर्कशाप आयोजित कराई जाएगी।