दुनका। शेरगढ़ के दुनका में संचालित न्यू चिश्ती अस्पताल में गलत ऑपरेशन से प्रसूता की मौत प्रकरण में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच शुरू की। मौके पर अस्पताल में कोई डाॅक्टर नहीं मिला। पंजीकरण संबंधी दस्तावेज न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया।
डिप्टी सीएमओ डॉ. लईक अंसारी और सीएचसी शेरगढ़ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गजेंद्र चौहान ने कार्रवाई की। नोटिस चस्पा कर 10 जुलाई को अस्पताल संचालन संबंधी के दस्तावेजों समेत संचालक को सीएमओ कार्यालय में तलब किया है। अस्पताल में वाहिद, सावित्री, मनीषा, शिवम ने पूछताछ में बताया कि वह क्लीनिकल कार्य सीखने आते हैं। हालांकि उन्होंने भी ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की जानकारी से इन्कार कर दिया।
दूसरी ओर, प्रसूता के पति सोनू ने आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि दुनका निवासी जमीर अहमद ने अस्पताल संचालन के लिए भवन किराये पर लिया है। जिसमें जावेद का का बेटा साजेब अल्ट्रासाउंड सेंटर अवैध तरीके से भी चलाता है।
पंजीकरण खत्म होने पर भी चल रही थी पैथलैब
स्थानीय निवासियों का कहना था कि स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से क्षेत्र में अवैध पैथलैब और अस्पताल चल रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. गजेंद्र सिंह चौहान ने बताया दुनका बस स्टैंड पर साई पैथलैब भी सील की गई। दो साल पहले ही पंजीकरण खत्म होने के बाद संचालित हो रही थी। संचालक को भी 10 जुलाई को दस्तावेज समेत सीएमओ कार्यालय तलब किया गया है।
शीशगढ़ के अस्पताल, पैथोलॉजी का निरीक्षण, नोटिस
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दुनका क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी केंद्रों का निरीक्षण किया। शीशगढ़ के सिद्दकी, ओमलाइफ, जारा हयात, आयुषी और मानपुर में केयर एंड क्योर अस्पताल, एडवांस, लाइफलाइन पैथोलॉजी, एमएस पॉलीक्लिनिक के निरीक्षण में खामियों पर संचालक को नोटिस दिए। न्यू सहारा हॉस्पिटल बंद मिला। टीम में सहनोडल डॉ. अमित दिनकर, वार्डबॉय राजेश और राहुल शामिल रहे।