बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के मंडल अध्यक्ष मुकेश सक्सेना ने कहा कि सरकार की निजीकरण की नीतियों से साबित है कि अब रेल कर्मचारी और संरक्षा का भविष्य सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव वापस नहीं हुआ तो नरमू आरपार की लड़ाई शुरू करेगी।
एआईआरएफ (ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन) के निजीकरण के विरोध में शुरू हुए सप्ताह के दूसरे दिन पूर्वोत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के बैनर तले रेलवे कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर जुलूस निकालकर डीआरएम आफिस की परिक्रमा की। बाद में यूनियन ने रेलमंत्री को संबोधित ज्ञापन इज्जतनगर मंडल के डीआरएम को सौंपा।
नरमू कार्यालय पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुकेश सक्सेना ने कहा कि आसनसोल, चेन्नई, वाराणसी, पटियाला, बंगलूरू, कपूरथला और रायबरेली प्रोडक्शन यूनिट को बेचने का फैसला लिया है, जो बर्दाश्त नहीं होगा। मंडल मंत्री कामरान अहमद ने कहा कि प्रस्ताव पर रोक नहीं लगी तो नरमू आरपार की लड़ाई शुरू होगी। डीआरएम को ज्ञापन देने वालों में सहायक मंडल मंत्री, सुंदर सिंह, सीडी अवस्थी, नारायणी देवी, सुशीला देवी, दीपा मौर्य, रिया, गुड़िया रावत, प्रिया, पीके दुबे, कुलदीप, सुरेंद्र सिंह मलिक, रोहित सिंह, आराम सिंह आदि शामिल रहे।