बरेली। पड़ोसी देश में जातीय संघर्ष भड़कने से बरेली और आसपास बाजार प्रभावित हो गया है। बरेली से हर दिन लगभग तीन करोड़ रुपये का कारोबार होता है। साथ ही स्थानीय कारोबारियों में इसे लेकर खलबली मची हुई है।
बरेली, पीलीभीत, पलिया, खीरी, बहराइच, गोरखपुर, गोंडा, टनकपुर समेत दर्जनों स्थानों पर पड़ोसी देश से करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। आवागमन फ्री होने से बेरोकटोक लोग व्यापार कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर भंसार जरूर लगती है, जहां पर दोनों देश के कारोबारी एकत्र होते हैं और नेपाल सरकार टैक्स आदि वसूलती है। नेपाल अशांत होने से भारतीय कारोबार प्रभावित हो गया है। इससे बरेली और आसपास बाजार में उथल पुथल मची हुई है।
खाद्यान्न और दवा निर्यात
बरेली और पीलीभीत जिले से आटा, चावल, दाल, चीनी, मसाले, मिश्री (कुलिया), दवा, किराना, गेहूं, सब्जी और गारमेंट आदि हर दिन नेपाल जाता है। ज्यादातर कारोबार नंबर दो में होता है।
बाजार में खलबली
उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता कहते हैं कि मंगलवार से ज्यादातर कारोबारियों ने नेपाल सामान भेजना बंद कर दिया। कारोबारी नेपाल घटनाक्रम पर निगाह रखे हुए हैं। चीनी कारोबारी अमित बंसल दीपू कहते हैं कि नेपाली उपद्रव से भारतीय व्यापार प्रभावित होगा। चीनी, खांड और गुड़ आदि के बड़े क्रेता नेपाल में हैं। तिलहन कारोबारी शिवकुमार अग्रवाल ने बताया कि हर तीन करोड़ रुपये का व्यापार होता है। नेपाल में गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही व्यापारियों ने हाथ रोक दिया है।
इंफो
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होता है कारोबार
जिंस रुपये/ लाख
चीनी 50
दाल 20
किराना 25
तिलहन 20
आटा/गेहूं / 95
चावल आदि
अन्य 30
चिकित्सा 35
और दवा