बरेली। नशीली गोलियों के साथ सऊदी अरब में पकड़े गए बुजुर्ग हज यात्री मसीद खां का बचना मुश्किल है। हालांकि समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष जफर बेग से आग्रह पर डीआईजी आरकेएस राठौर ने एसपी सिटी से मामले की जांच सौंपी है। एसएसपी धर्मवीर यादव से भी पीड़ित परिवार ने मिलकर हज यात्री को नशीली गोलियां देने वाले युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी, लेकिन उन्होेंने दो टूक कह दिया कि इसमें यहां से कुछ नहीं हो सकता है। सऊदी अरब की पुलिस की मामले की जांच करेगी। एनडीपीएस एक्ट में उसी को मुल्जिम बनाया जा सकता है, जिसके पास से माल की बरामदगी होती है।
बिथरीचैनपुर के करीब 80 वर्षीय मसीद खां के बेटे शाहिद ने एसएसपी से सामने दो बार आकर कहा कि उसके पिता बेगुनाह हैं। लेकिन एसएसपी ने एफआईआर कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद शाहिद ने सपा महानगर अध्यक्ष के साथ डीआईजी से मुलाकात करके बताया कि उनकी मां के भतीजे अली असगर ने गद्दारी की है। उस पर विश्वास करके उसके पिता बुरी तरह से फंस गए। उसने विश्वास तोड़ा है। उन्हें पता होता तो छिपाने की कोशिश करते। उसके पिता को हज करने के लिए गए थे। रविवार को लखनऊ से हज के लिए उड़ते वक्त उनके चेहरे पर खुदा के घर जाने की खुशी थी। वहीद की मदीना में गिरफ्तारी करके पुलिस उससे पूछताछ करे तो पूरे रैकेट का खुलासा हो जाएगा। उधर, मसीद खां के परिवार वालों के साथ लोगों ने नशीली गोली देने के आरोपी के घर मंगलवार को घेर लिया। भीड़ आरोपी से मारपीट करने पर अड़ी थी। घटना की सूचना पर बिथरी चैनपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह से लोगों को समझाकर मामला शांत किया।