कलक्ट्रेट, विकास भवन, पीडब्ल्यूडी में स्टाफ के पहुंचने से बढ़ी चहल-पहल
बरेली। लॉकडाउन में राहत देकर सोमवार से सरकारी दफ्तर खुल गए हैं। कर्मचारियों ने लंबित फाइलों को निपटाना शुरू कर दिया है। कर्मचारियों के आने से कार्यालयों में चहल-पहल दिखाई देने लगी है लेकिन पब्लिक के न आने से कलक्ट्रेट, विकास भवन सहित दूसरे महत्वपूर्ण सरकारी भवनों के परिसर सूने रहे। इधर, कर्मचारियों की शिकायत है कि दफ्तरों को सैनिटाइज नहीं किया गया है। साथ ही मास्क भी नहीं दिए गए हैं।
देशभर में 23 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद से बंद सरकारी दफ्तरों में मुख्यमंत्री ने 20 अप्रैल से 50 फीसदी उपस्थिति के साथ काम शुरू करने के निर्देश दिए थे। सोमवार को तमाम विभागों के कर्मचारी लंबे समय के बाद अपने दफ्तरों में पहुंचे और विभागीय फाइलों को निपटाना शुरू कर दिया। हालांकि कलक्ट्रेट में रिकार्ड रूम नहीं खुला। एफएसडीए के अभिहित अधिकारी के दफ्तर में भी ताला लटका रहा। सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम (सिटी), एडीएम (प्रशासन), एडीएम (वित्त), डीएम कार्यालय, खनन विभाग सहित तमाम तमाम कार्यालयों में सोमवार से कामकाज शुरू हो गया। उधर, पीडब्ल्यूडी चीफ कार्यालय, प्रांतीय खंड में भी स्टाफ ने काम शुरू कर दिया है। तहसील में भी एसडीएम सदर और तहसीलदार कार्यालय का स्टाफ काम पर आ गया। विकास भवन में समाज कल्याण, डीआरडीए सहित कई विभागों में स्टाफ काम पर लौट आया है। हालांकि लॉकडाउन में पब्लिक के न आने से उससे जुड़े काम नहीं हो रहे हैं।
पास न मिलने से रास्ते में रोक रहे पुलिस वाले
कई कर्मचारियों की शिकायत है कि लॉकडाउन में सरकारी दफ्तर तो खुल गए हैं लेकिन उन्हें पास न मिलने से आने-जाने के दौरान रास्ते में पुलिस वाले रोक रहे हैं। कई बार बताने के बावजूद वे नहीं मानते हैं। ऐसे में असुविधा हो रही है।
लेबर न मिलने से पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम के काम लटके
शासन ने निर्माण इकाइयों को भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ काम शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं, लेकिन पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर श्रमिक अपने घर लौट गए हैं। लिहाजा काम शुरू करने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा।
शासन के आदेशानुुसार सभी कर्मचारियों को उनके विभागाध्यक्षों ने जो शेड्यूल तय किया है, उसके आधार पर ही दफ्तरों में हाजिरी देनी है। अनुपस्थित रहने पर कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। - नितीश कुमार, डीएम