सामने खड़ा जगतपाल जानना चाहता था कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई और एसएसपी इस उलझन में कि उसे क्या जवाब दें। जिस दरोगा को शिकायत पर जांच की जिम्मेदारी दी थी, उसे एक दिन पहले ही जांच रिपोर्ट के साथ हाजिर होना था लेकिन दरोगा जी न आए न इसकी वजह बताई। अगले दिन फिर 11 बजे का समय मुकर्रर हुआ मगर दरोगा जी फिर गैरहाजिर। दो बार फोन करने के बाद भी कोई अता-पता नहीं लगा।
जगतपाल के चेहरे पर प्रश्नचिह्न घड़ी की सुइयां खिसकने के साथ गहरा होता गया और एसएसपी भी तमतमाते गए। दोपहर एक बजे जब दरोगा उनके सामने हाजिर हुआ तब तक उसकी लाइन में हाजिरी तय हो चुकी थी। जांच रिपोर्ट एसएसपी के गले नहीं उतरी लिहाजा अब निलंबन की भी तलवार दरोगा जी के सिर पर टंग गई है।
मीरगंज मे रहने वाले जगतपाल ने एसएसपी को चार मार्च को प्रार्थना पत्र देकर अपने साढ़ू पर आरोप लगाया था कि सीबीगंज के परसाखेड़ा इलाके में 26 फरवरी को उसने उस पर हमला कर उसकी सोने की चेन लूट ली और जान से मारने की धमकी भी दी। एसएसपी ने इंस्पेक्टर सीबीगंज को शिकायत की जांच का निर्देश देते हुए सात दिन में जांच रिपोर्ट देने को कहा था। इंस्पेक्टर ने यह जांच दरोगा मनोज पवार के सुपुर्द कर दी और उन्हें यह भी बताया कि बृहस्पतिवार तक हर हालत में जांच पूरी कर एसएसपी को रिपोर्ट देनी है।
मनोज पवार तो जांच पूरी करना भूल गए लेकिन जगतपाल गुरुवार को ही फिर एसएसपी के पास पहुंच गया। एसएसपी ने इंस्पेक्टर सीबीगंज को फोन किया तो बताया गया कि दरोगा मनोज पवार ड्यूटी पर हैं। एसएसपी ने इस पर दरोगा को हर हालत में शुक्रवार को 11 बजे जांच रिपोर्ट के साथ हाजिर होने का आदेश देकर जगतपाल को लौटा दिया।
शुक्रवार को सुबह ठीक 11 बजे जगतपाल फिर एसएसपी के पास पहुंच गया। एसएसपी ने इंस्पेक्टर सीबीगंज को जांच रिपोर्ट के लिए दो बार कॉल की लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे पाए। दो घंटे तक चेहरे पर सवाल के साथ जगतपाल की मौजूदगी एसएसपी को विचलित करती रही। दोपहर करीब एक बजे दरोगा मनोज पवार एसएसपी के सामने पहुंचे तो वह बुरी तरह तमतमाए हुए थे। मनोज पवार की जांच रिपोर्ट भी गले नहीं उतरी तो एसएसपी ने उन्हें फौरन लाइन में आमद दर्ज कराने का आदेश सुना दिया। एसएसपी का गुस्सा देखकर दरोगा मनोज पवार उनके सामने मौजूद रहने तक थर-थर कांपते रहे।
साबित करनी होगी जगतपाल की शिकायत फर्जी वर्ना होगा निलंबन
दरोगा मनोज पवार ने एसएसपी को बताया कि जगतपाल का साढ़ू शराबी और आवारा किस्म का है। एक हत्या के मामले में भी उसका नाम रहा है। मायके में रह रही उसकी पत्नी ने उस पर मुकदमा भी ठोक रखा है। जगतपाल के साढ़ू को शक है कि उसके उसकी पत्नी के संबंध हैं और वह उसकी मदद कर रहा है। जगतपाल की शिकायत भी फर्जी है। घटनास्थल पर किसी ने भी इसकी पुष्टि नहीं की। एसएसपी ने पूछा कि जगतपाल अपनी साली की मदद कर रहा है, इसका क्या प्रमाण है। दरोगा ने बताया कि चार मार्च को अपनी साली के साथ जगतपाल भी कचहरी आया था।
गुस्साए एसएसपी ने दरोगा को कचहरी में जगतपाल की अपनी साली के साथ मौजूदगी का सबूत देने को कहा, साथ ही चेतावनी दी कि यह बात गलत निकली तो वह उसे सस्पेंड कर देंगे। जगतपाल को भी चेतावनी दी कि उसकी शिकायत में पारिवारिक विवाद का जिक्र नहीं है, अगर शिकायत झूठी निकली तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इंस्पेक्टर सीबीगंज बच्चू सिंह यादव ने बताया कि एसएसपी का फोन आने के बाद उन्होंने दरोगा मनोज पवार को बृहस्पतिवार को ही बता दिया था कि उन्हें शुक्रवार सुबह 11 बजे जांच रिपोर्ट के साथ उनके सामने हाजिर होना है लेकिन इसके बावजूद मनोज पवार नाइट ड्यूटी से लौटे तो अपने क्वार्टर में जाकर सो गए।
दरोगा ने लेटलतीफी के साथ लापरवाही भी की। शिकायत पर बिंदुवार जांच करके नतीजा निकालना चाहिए था पर जांच करने में भ्रमित हो गए। उन्हें लाइन हाजिर किया है। जगतपाल के बारे में कही गई उनकी बात सही नहीं निकली तो उन्हें निलंबित किया जाएगा।
- शैलेश पांडेय, एसएसपी