बरेली। गांधीपुरम में सराफ के घर डकैती की वारदात का प्रेमनगर पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दो आरोपियों को जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक सराफ के पड़ोस में ही रहने वाले कपड़ा व्यापारी विकास ने तंगहाली की वजह से अपने नौकर और कुछ दूसरे बदमाशों के साथ लूट की योजना बनाई थी।
गांधीपुरम के फेस टू में रहने वाले मनोज गुप्ता और उनके बेटे आशु की शेरगढ़ में सराफा की दुकान है। 12 अप्रैल को घर का वाईफाई खराब होने पर आशु ने उसे ठीक कराने के लिए सर्विस प्रोवाइडर को कॉल की थी। रात आठ बजे तीन-चार युवक आशु के घर पहुंचे। आशु के छोटे भाई सूर्यांश के गेट खोलते ही अंदर पहुंचे बदमाशों ने हथियार दिखाकर पूरे परिवार को कब्जे में ले लिया और फिर लूटपाट शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने मुक्का मारकर आशु की मां का दांत भी तोड़ दिया। सूर्यांश का गला दबाने की धमकी देकर महिलाओं से जेवर छीन लिए।
इस दौरान बाहर खड़े बदमाशों के साथियों को पड़ोस के एक रिटायर दरोगा ने टोका तो उन्होंने यह कहकर उन्हें धमकाने की कोशिश की कि आशु पर उनके 80 हजार रुपये उधार हैं। यही रकम लेने आए हैं। प्रेमनगर पुलिस ने काफी सुरागरशी के बाद मंगलवार को संजयनगर निवासी टेंपो ड्राइवर गौरव पाल को पकड़ा था। गौरव ने सख्ती करने पर वारदात की हकीकत बयान कर दी। इसके बाद पुलिस ने वारदात में शामिल किला के मोहल्ला खन्नू निवासी वाजिक खान उर्फ बॉबी पेंटर को पकड़ा। दोनों को गुरुवार को जेल भेज दिया गया। इनसे लूट का एक मोबाइल, दो चाकू, 1200 रुपये और टेंपो बरामद किया गया।
दोनों बदमाशों ने पुलिस को बताया कि डीडीपुरम में सेल लगाने वाला कपड़ा व्यापारी विकास कश्यप कामधंधा न चलने की वजह से तंगी से जूझ रहा था। वाजिक उसके यहां चार सौ रुपये रोज पर नौकरी करता था। धंधा न चलने पर उसने वाजिक को नौकरी छोड़ने को कहा तो वाजिक ने उसे कुछ बड़ा करने की सलाह दी। इन दोनों ने इज्जतनगर गल्ला मंडी निवासी इमरान, सीबीगंज के खरौआ निवासी रजत साहू और सीलमपुर इमामबाड़ा दिल्ली निवासी फहीम उर्फ फहीमुद्दीन को साथ लिया। विकास आशु को अच्छी तरह जानता था। इसलिए वह उसके घर के अंदर नहीं गया। बाकी लोगों के वारदात करने के बाद सभी निकल गए। पुलिस के मुताबिक डकैती में इमरान का एक और साथी शामिल था जिसका पता इमरान के पकड़ने के बाद ही पता लगेगा।
बड़ा दांव मारा था मिला कुछ नहीं
वाजिक ने बताया कि उन्हें आशु के घर से बड़ा माल मिलने की उम्मीद थी मगर ऐसा नहीं हो सका। उन लोगों ने सोचा था कि हरेक के हाथ कम से कम एक-एक लाख रुपया आसानी से आ जाएगा पर वारदात के दौरान घबराहट में कुछ ही रकम और जेवर लूट सके। भागते वक्त वह तख्त से मोबाइल जरूर उठा लाया। उसे हिस्से में केवल 2800 रुपये और मोबाइल ही आया। दूसरे साथियों को भी खास रकम नहीं मिली।
प्रेम विवाह मैरिज के बाद पड़ोस में रहता था विकास
पांच साल पहले विकास ने परिवार की मर्जी के खिलाफ एक शादीशुदा महिला से प्रेम विवाह किया। परिवार ने उससे संबंध तोड़े तो वह आशु के घर के पास किराये पर अपनी पत्नी के साथ रहने लगा। इसीलिए उसे आशु के परिवार की आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी थी और वारदात के लिए उसके घर को चुना।
एक आरोपी संक्रमित, अस्पताल भेजा
जेल भेजने से पहले दोनों आरोपियों का कोरोना टेस्ट कराया गया। वाजिक कोरोना संक्रमित निकला। तब गौरव पाल को जेल भेज दिया गया और वाजिक को एल वन अस्पताल में बनी अस्थाई जेल ले जाया गया। रिपोर्ट निगेटिव आने पर उसे जिला जेल में दाखिल किया जाएगा।