बरेली। फरीदपुर की महिला और पीलीभीत के युवक बगैर इलाज के ही पॉजिटिव के निगेटिव कैसे हो गए, यह स्वास्थ्य विभाग फिलहाल बहुत साफ नहीं कर पा रहा है। पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट जरूर ऊपर भेज दी गई है ताकि तय किया जा सके कि इसका कारण पता करने के लिए क्या कदम उठाए जाने हैं। कई चिकित्सकों का यह जरूर कहना है कि कोरोना संक्रमण किसको कितना नुकसान पहुंचाएगा, यह सीधे-सीधे इस बात पर निर्भर है कि उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता का स्तर क्या है। बेहतर सेहत होने पर संक्रमण खुद ब खुद खत्म होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पिछले करीब दस दिनों में एक मेडिकल कॉलेज के एक पूल, फरीदपुर की महिला और पीलीभीत के युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। पहले तो स्वास्थ्य विभाग ने पूल सैंपल में शामिल तीन डॉक्टर और तीन नर्स की अलग-अलग जांच कराई लेकिन रिपोर्ट क्लियर नहीं हो सकी। चार दिन बाद फिर इन सभी के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए तो सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ गई। स्वास्थ्य विभाग की इस पर हैरानी खत्म होने से पहले ही फरीदपुर की महिला और पीलीभीत के युवक की भी निजी लैब की रिपोर्ट आईवीआरआई की जांच में निगेटिव में तब्दील हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि वायरस का एक सर्किल पीरियड होता है। अगर इम्यूनिटी बेहतर है तो वायरस के विरुद्ध रक्त में एंटीबॉडीज बन जाती है। ऐसे में रिपोर्ट निगेटिव आ सकती है। संक्रमण का स्तर कम होने पर भी ऐसा हो सकता है।
कई वजह से बदल सकता है जांच का नतीजा
फिजिशियन डॉ. राजीव गोयल का कहना है कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने का मतलब है कि व्यक्ति में जरूर कहीं न कहीं से संक्रमण हुआ है क्योंकि आरटी पीसीआर यानी रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेड पॉलिमेरेज चेन रिएक्शन 99 फीसद तक वायरस को पकड़ने में सक्षम है। निगेटिव रिपोर्ट आने की कई वजह हो सकती है, सैंपल सही से न लिया जाना, सैंपल का रखरखाव सही न होना या पैकेजिंग में टेम्प्रेचर बढ़ जाना। सैंपल लेने से पहले संक्रमित व्यक्ति ने गर्म पानी से गरारा या कोई तेज एंटीबॉटिक दवा ली हो तब भी रिपोर्ट निगेटिव आ सकती है।
सेहत अच्छी हो तो घट सकता है संक्रमण का स्तर
फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन का कहना है कि बरेली में अब तक जो मरीज सामने आए हैं, उनमें किसी में कोरोना संक्रमण के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखे हैं। ज्यादातर एसिम्प्टोमैटिक पेशेंट ही हैं। इसका सीधा अर्थ है कि शहरवासियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर है जिसकी वजह से लक्षण नहीं दिख रहे हैं। कोरोना संक्रमण के लक्षण 6 से 8 दिन में सामने आना संभावित होते हैं। अगर रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर है तो संक्रमण बढ़ने के बजाय कम होने लगता है। संभव है कि सर्किल पीरियड पूरा करने तक वायरस निष्क्रिय हो गया हो, इसलिए रिपोर्ट निगेटिव आई हो।